जयपुर में डॉ. बी.एन. राव का जन्मोत्सव: ब्राह्मण महासभा ने कहा—“संविधान के असली निर्माता को अब मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान
जयपुर। 1 मार्च 2026: राजस्थान की राजधानी जयपुर में **अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा** के तत्वावधान में संविधान विशेषज्ञ **डॉ. बी.एन. राव** का जन्मोत्सव बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया। अजमेर रोड स्थित बम्बू नेशन कैफे एंड रेस्टोरेंट के व्यंकट हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकारिणी के 100 से अधिक सदस्य और विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध लोग एकत्रित हुए। समारोह का उद्देश्य डॉ. बी.एन. राव के योगदान को समाज के सामने लाना और उनके कार्यों को व्यापक स्तर पर चर्चा में लाना था।
## वेद मंत्रों के साथ हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम
कार्यक्रम की शुरुआत विद्वान ब्राह्मणों द्वारा वेद मंत्रों के उच्चारण और डॉ. बी.एन. राव के चित्र पर पुष्प अर्पित करके की गई। वातावरण में आध्यात्मिकता और सम्मान का भाव स्पष्ट दिखाई दे रहा था। उपस्थित लोगों ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि भारतीय संविधान की तैयारी में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है और इसे समाज के सामने अधिक स्पष्ट रूप से लाने की आवश्यकता है।
## संविधान निर्माण में भूमिका पर हुई गहन चर्चा
समारोह के दौरान कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं और कानून विशेषज्ञों ने डॉ. बी.एन. राव के योगदान पर अपने विचार रखे। एडवोकेट डॉ. कुलदीप शर्मा, कानूनविद डॉ. चन्द्र शेखर शर्मा, एडवोकेट नरेन्द्र कुमार पाण्डेय, एडवोकेट अनिल कुमार सिंह, एडवोकेट कुलभूषण गौड़ और एडवोकेट राकेश ब्रह्म भट्ट सहित कई वक्ताओं ने संविधान निर्माण से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेजों और तथ्यों का उल्लेख किया।
वक्ताओं ने कहा कि डॉ. बी.एन. राव ने भारतीय संविधान के प्रारूप को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और उनके योगदान को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने की आवश्यकता है। इन विचारों का उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ समर्थन किया।
## हर वर्ष मनाया जाएगा जन्मदिन
कार्यक्रम में उपस्थित प्रबुद्ध जनों ने सामूहिक संकल्प लिया कि **हर वर्ष 26 फरवरी को डॉ. बी.एन. राव का जन्मदिन** देशभर में विभिन्न स्थानों पर मनाया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि इससे नई पीढ़ी को भारतीय संविधान के इतिहास और उससे जुड़े महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों के बारे में जानकारी मिलेगी।
## समाज के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी भागीदारी
इस आयोजन में शिक्षा, चिकित्सा, प्रशासन, बैंकिंग, ज्योतिष, तकनीकी और व्यापार जगत से जुड़े कई प्रतिष्ठित लोग शामिल हुए। प्रबुद्ध वर्ग में पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी श्री गंगा राम शर्मा, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी श्री कृष्ण कुमार शर्मा, प्रोफेसर डॉ कृष्णा शर्मा, शिक्षाविद डॉ रूप राम शर्मा, चिकित्सा शिक्षाविद डॉ रामकृष्ण अंगिरस और डॉ रामनिवास शर्मा, कृष्ण गोपाल शर्मा, बैंक अधिकारी रामावतार पालीवाल, पूर्व प्रशासनिक सैक्शन अधिकारी श्री रामावतार शर्मा, प्रबंधक श्री राम अवतार शर्मा, ज्योतिषाचार्य पं उमेश उपाध्याय, पं पुरुषोत्तम जी दुवे, पं मुकेश शास्त्री, शिक्षाविद पं यज्ञ दत्त शर्मा, रामप्रताप शर्मा, बालकृष्ण मुद्गल, गोविन्द साण्डिल्य, शिक्षाधिकारी डॉ इन्दु वशिष्ठ, शिक्षाविद हरीश शर्मा एवं हरीश चन्द्र शर्मा, कैप्टेन परमानन्द शर्मा, शिक्षाधिकारी सुरेश शर्मा एवं रामकुमार शर्मा, चिकित्साधिकारी डॉ मोनिका शर्मा, तकनीकी शिक्षा विशेषज्ञ अनन्त शेखर वशिष्ठ, पीतम शर्मा, एवं डॉ शालिनी शर्मा, पूर्व शिक्षाविद एवं पुलिस अधिकारी डॉ महेश शर्मा, पूर्व बीएस एन एल अधिकारी दिनेश शर्मा, नगर निगम के सीनियर इंजीनियर राजीव शर्मा, तकनीकी विशेषज्ञ दिवाकर शर्मा, एकाउंट्स ऑफीसर कमल सहल, चिकित्साधिकारी डॉ लूनेश मालवीय, एक दर्जन से भी अधिक ज्योतिषाचार्यों में पं मदन मोहन जी शर्मा इंजीनियर, पं आशीष शर्मा आदि, चिकित्साधिकारी गिर्राज शर्मा और राजेन्द्र प्रसाद शर्मा, रीयल स्टेट कारोबारी महेन्द्र गौड़, संगीत मर्मज्ञ सुरेन्द्र शर्मा, डॉ अनिल चतुर्वेदी, राजाबाबू पारीक, लक्ष्मी कान्त भारद्वाज, लक्ष्मी कान्त शर्मा, सुरेश चतुर्वेदी, पं उमाशंकर, शिक्षाविद सुभाष पाण्डेय, रवि शर्मा, मनोहर शर्मा, कमलेश शर्मा,मंदिर के महंत पं महावीर उपाध्याय, ओमप्रकाश शर्मा, श्रीभगवान गुधैनिया और महंत बजरंग शर्मा, निजी कम्पनी आदि व्यवसायी जयप्रकाश कटारा, ब्रह्मानन्द शर्मा, वीरेन्द्र तैलंग, रजत शर्मा, अभिनव शेखर वशिष्ठ और हिमानी शर्मा आदि सैंकड़ों प्रबुद्ध जन की उपस्थिति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिये।
## मुख्य अतिथि और आयोजन की व्यवस्था
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडवोकेट डॉ. कुलदीप शर्मा रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में एडवोकेट और इंजीनियर नरेन्द्र कुमार पाण्डेय उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कानूनविद डॉ. चन्द्र शेखर शर्मा ने की। संचालन शिक्षाविद गंगाराम शर्मा और हरीश शर्मा ने किया।
अंत में आयोजक और अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. चन्द्र शेखर शर्मा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान हुई किसी भी अनजानी त्रुटि के लिए क्षमा भी मांगी।
समारोह के समापन पर व्यवसायी अभिनव शेखर वशिष्ठ और हिमानी शर्मा की ओर से सभी अतिथियों के लिए शाकाहारी जलपान और भोजन की व्यवस्था की गई। कुछ सहयोगियों ने संस्था के लिए दान भी दिया, जिसे सार्वजनिक रूप से संस्था के कोष में जमा किया गया।
**निष्कर्ष:**
जयपुर में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक जन्मोत्सव नहीं था, बल्कि भारतीय संविधान के इतिहास पर संवाद और जागरूकता का मंच भी बना। आयोजकों का मानना है कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रम देशभर में आयोजित होकर डॉ. बी.एन. राव के योगदान को नई पहचान दिलाएंगे।