नकल पर ‘जीरो टॉलरेंस’, यूपी बोर्ड परीक्षा-2026 में चूक पर सीधी कार्रवाई
(आनन्द कुमार द्विवेदी/ ब्यूरो कौशाम्बी)
कौशाम्बी। उत्तर प्रदेश शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा-2026 को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट स्थित उदयन सभागार में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल और पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने स्पष्ट कर दिया कि इस बार परीक्षा के दौरान नकल या किसी भी प्रकार की लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में जोनल, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेटों के साथ-साथ सभी केंद्र व्यवस्थापक मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि परीक्षा को नकलविहीन, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बोर्ड के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि किसी भी स्तर पर ढिलाई क्षम्य नहीं होगी।
पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों के बाहर अनावश्यक भीड़ एकत्र नहीं होने दी जाएगी। किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही सभी परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरों की सक्रियता सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके।अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन अपने पास रखें और किसी भी प्रकार की समस्या या संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दें। डीएम ने दो टूक कहा कि यदि कहीं से नकल की शिकायत प्राप्त होती है या किसी केंद्र पर अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी और केंद्र व्यवस्थापक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए जनपद में व्यापक निगरानी व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने 6 सचल दल गठित किए हैं, जो अचानक निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा 80 स्टैटिक मजिस्ट्रेट, 15 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 3 जोनल मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं, जो परीक्षा अवधि के दौरान लगातार निगरानी रखेंगे।
जिला प्रशासन का कहना है कि शासन की मंशा के अनुरूप परीक्षा को पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जाएगा। अधिकारियों ने सभी संबंधित कर्मियों से ईमानदारी और सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की है, ताकि छात्र-छात्राओं को निष्पक्ष वातावरण मिल सके और परीक्षा की विश्वसनीयता बरकरार रहे।