नेपाल पुलिस के प्रवक्ता अभिनारायण काफले ने बताया है कि पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूएमएल) के नेता केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ़्तार कर लिया गया है.
काफले ने बीबीसी नेपाली को बताया कि ओली और लेखक दोनों को काठमांडू पुलिस परिसर ले जाया गया है.
उन्होंने कहा कि उन्हें “जांच आयोग की रिपोर्ट को लागू करने के लिए मंत्रिपरिषद के फ़ैसले के अनुसार” गिरफ़्तार किया गया.
नेपाल में शुक्रवार को ही बालेश शाह ने नए प्रधानमंत्री की शपथ ली है.
काफले ने कहा, “अब उनके ख़िलाफ़ कानूनी प्रक्रिया नियमों के अनुसार चलाई जाएगी. यह गिरफ़्तारी इसलिए की गई है ताकि क़ानून सभी पर समान रूप से लागू हो.”
ओली को भक्तपुर से गिरफ़्तार किया गया और लेखक को शनिवार सुबह भक्तपुर के ही कटुंजे स्थित उनके आवास से गिरफ़्तार किया गया.
पिछले साल नेपाल में जेन ज़ी के विरोध प्रदर्शनों की जांच के लिए गठित गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता वाले आयोग ने सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली पिछली सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी थी.
इन आंदोलनों में नेपाल में सार्वजनिक और निजी संपत्ति का भारी नुकसान हुआ था.
ऐसा माना जा रहा है कि रिपोर्ट में तत्कालीन सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के उच्च पदस्थ अधिकारियों के ख़िलाफ़ विभिन्न कार्रवाइयों की सिफ़ारिश की गई थी.
सरकार ने अभी तक इस रिपोर्ट को औपचारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन इसके विवरण कुछ दिन पहले मीडिया में लीक हो गए थे.