जमशेदपुर, 21 फरवरी:
पूर्वी सिंहभूम जिले में मिर्गी रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘प्रोजेक्ट उल्लास’ के तहत गोलमुरी सह जुगसलाई प्रखंड के तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में निःशुल्क मिर्गी जांच एवं उपचार शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में एम्स, नई दिल्ली के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा मरीजों की स्क्रीनिंग, परामर्श एवं दवा वितरण किया गया।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर घोड़ाबांधा, गदरा एवं सुंदरनगर में आयोजित शिविरों में कुल 120 मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सीय सलाह और निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। घोड़ाबांधा शिविर का निरीक्षण उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों से संवाद कर चिकित्सकों के परामर्श का नियमित पालन करने के लिए प्रेरित किया तथा शिविर से मिल रहे लाभ की जानकारी ली।
जिला प्रशासन की पहल पर आयोजित इस अभियान का उद्देश्य मिर्गी रोग से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना, वैज्ञानिक उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क जांच और दवा उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा मरीजों को मिर्गी से बचाव, प्राथमिक उपचार और नियमित दवा सेवन के बारे में भी जागरूक किया गया।
उपायुक्त के निर्देशानुसार तीन दिवसीय कार्यक्रम के तहत 22 एवं 23 फरवरी को पोटका प्रखंड के विभिन्न आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी शिविर आयोजित होंगे। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मिर्गी से पीड़ित मरीजों को शिविर में लाकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श अवश्य दिलाएं।
रिपोर्ट: आनंद किशोर