*वर्दी का सम्मान, परिसर की पहचान, एसपी राजेश कुमार की सोच से हर रविवार स्वच्छता बन रही कौशाम्बी पुलिस की संस्कृति* (ब्यूरो कौशाम्बी आनन्द कुमार द्विवेदी)
(ब्यूरो कौशाम्बी आनन्द कुमार द्विवेदी)*वर्दी का सम्मान, परिसर की पहचान, एसपी राजेश कुमार की सोच से हर रविवार स्वच्छता बन रही कौशाम्बी पुलिस की संस्कृति*
*कौशाम्बी। कानून व्यवस्था की सख्ती और मानवीय संवेदनशीलता के लिए पहचानी जाने वाली कौशाम्बी पुलिस अब अपनी कार्यसंस्कृति के नए मानक भी गढ़ रही है। 15 फरवरी 2026, रविवार को पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार के दूरदर्शी और प्रेरक नेतृत्व में जनपद के सभी थानों, चौकियों और पुलिस कार्यालयों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया और यह कोई औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जीवंत परंपरा का हिस्सा था। एसपी राजेश कुमार की कार्यशैली की खासियत यही है कि वे आदेश नहीं, उदाहरण स्थापित करते हैं। उनके स्पष्ट निर्देशों पर पुलिसकर्मियों ने श्रमदान करते हुए थाना परिसरों से लेकर अभिलेख कक्ष, शस्त्रागार, मालखाना, हवालात और आवासीय परिसर तक की गहन सफाई की। धूल भरी अलमारियां सजीं, अभिलेख व्यवस्थित हुए, परिसर चमके और वातावरण में एक नई ऊर्जा महसूस की गई। यह अभियान केवल झाड़ू तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोच की सफाई का भी संदेश दे गया। एसपी ने स्पष्ट कहा कि स्वच्छता अनुशासन का पहला प्रमाण है और अनुशासन ही उत्कृष्ट पुलिसिंग की नींव है।जिस कार्यालय का वातावरण स्वच्छ और व्यवस्थित होगा, वहां निर्णय भी स्पष्ट होंगे और कार्य भी प्रभावी।हर रविवार नियमित रूप से चल रहा यह अभियान अब कौशाम्बी पुलिस की पहचान बन चुका है। यह पहल बताती है कि नेतृत्व जब प्रतिबद्ध हो, तो व्यवस्था केवल चलती नहीं, बल्कि चमकती है। पुलिसकर्मियों ने “स्वच्छता ही सेवा” के संकल्प को दोहराते हुए आमजन को भी अपने परिवेश को स्वच्छ रखने का संदेश दिया।*