आज से ₹218 तक महंगा हुआ कॉमर्शियल सिलेंडर, रेल टिकट रिफंड और टोल के नियम बदले, अप्रैल में 15 बदलाव
1 अप्रैल 2026 से नए वित्त वर्ष (FY 2026-27) की शुरुआत के साथ ही आम आदमी की जेब और दैनिक जीवन से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव हो गए हैं। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में उछाल से लेकर रेलवे रिफंड और सैलरी स्ट्रक्चर तक, यहाँ 15 बड़े बदलावों का विस्तार से विवरण दिया गया है:
1. कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़े
तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹218 तक की भारी बढ़ोतरी की है।
प्रभाव: इस बढ़ोतरी से बाहर खाना-पीना महंगा हो सकता है, क्योंकि होटल, रेस्तरां और ढाबों के खर्च बढ़ेंगे। हालांकि, घरेलू गैस (14.2 किलो) की कीमतों में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है।
2. रेलवे टिकट रिफंड के नए नियम (8 घंटे का नियम)
भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन और रिफंड नियमों को और सख्त कर दिया है:
शून्य रिफंड: अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल कराने पर ही कुछ रिफंड मिलेगा। यदि आप 8 घंटे से कम समय में टिकट कैंसिल करते हैं, तो कोई रिफंड (Zero Refund) नहीं दिया जाएगा। पहले यह सीमा 4 घंटे की थी।
स्लैब में बदलाव: * 72 से 24 घंटे पहले: 25% कटौती।
24 से 8 घंटे पहले: 50% कटौती।
3. इन-हैंड सैलरी (Take-home Pay) में कमी
नए लेबर कोड (New Labour Code 2026) के लागू होने की संभावना के साथ कंपनियों को सैलरी स्ट्रक्चर बदलना होगा:
नियम: बेसिक सैलरी अब कुल सीटीसी (CTC) का कम से कम 50% होनी चाहिए।
नतीजा: बेसिक सैलरी बढ़ने से पीएफ (PF) और ग्रेच्युटी के लिए कटने वाला हिस्सा बढ़ जाएगा। इससे आपकी भविष्य की बचत तो बढ़ेगी, लेकिन हर महीने हाथ में आने वाली नेट सैलरी (In-hand Salary) कम हो जाएगी।
4. टोल टैक्स में बढ़ोतरी
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने देशभर के टोल प्लाजा पर दरों में 5% से 15% तक की वृद्धि की है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे जैसे प्रमुख रूटों पर अब सफर करना और महंगा होगा। साथ ही, बिना फास्टैग (FASTag) या खराब फास्टैग वाले वाहनों से अब और भी अधिक सख्ती से दोगुना टोल वसूला जाएगा।
5. अन्य महत्वपूर्ण बदलाव (एक नज़र में)
आयकर (Income Tax): नई टैक्स व्यवस्था के तहत ₹12 लाख तक की सालाना आय पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा (Section 87A के तहत बढ़ी हुई रिबेट के कारण)।
PAN कार्ड: अब पैन कार्ड के लिए आधार को जन्मतिथि (DOB) के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा; पासपोर्ट या 10वीं का सर्टिफिकेट जरूरी होगा।
बैंकिंग शुल्क: एटीएम (ATM) से फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा के बाद लगने वाले शुल्क और फेल ट्रांजैक्शन चार्ज में ₹23 से ₹25 तक की बढ़ोतरी की गई है।
दवाएं महंगी: जरूरी दवाओं की नेशनल लिस्ट (NLEM) में शामिल पेनकिलर, एंटीबायोटिक्स और दिल की दवाओं की कीमतों में मामूली वृद्धि हो सकती है।
बीमा प्रीमियम: थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस और कुछ हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम की दरों में भी संशोधन किया गया है।
निष्कर्ष
अप्रैल का यह महीना आपकी वित्तीय योजना पर गहरा असर डालेगा। जहाँ एक ओर लंबी अवधि की बचत (PF) मजबूत हो रही है, वहीं दैनिक खर्चों (टोल, गैस, बैंकिंग) में बढ़ोतरी ने मध्यम वर्ग के बजट पर दबाव बढ़ा दिया है।