March 16, 2026

13 साल का रिश्ता, अदालत ने कहा—यह दुष्कर्म नहीं, सहमति का संबंध!

जबलपुर से आई इस ख़बर ने कानूनी और सामाजिक हलकों में हलचल मचा दी है। मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल के खिलाफ दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को निरस्त कर दिया। मामला एक महिला पुलिसकर्मी का था, जिसने आरोप लगाया था कि अधिकारी ने खुद को अविवाहित बताकर शादी का वादा किया और शारीरिक संबंध बनाए।

जस्टिस विनय साराफ की एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि महिला को 2013 से ही अधिकारी के विवाहित होने की जानकारी थी, इसके बावजूद 2025 तक दोनों के बीच संबंध बने रहे। अदालत ने कहा कि इतने लंबे समय तक चले रिश्ते को “धोखे” या “दुष्कर्म” की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

यह फैसला केवल एक केस का निपटारा नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गहरा संदेश है। अदालत ने स्पष्ट किया कि सहमति से बने लंबे संबंधों को बाद में अपराध की परिभाषा में डालना न्यायसंगत नहीं होगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह निर्णय भविष्य में ऐसे मामलों के लिए मिसाल बनेगा और रिश्तों में पारदर्शिता व ईमानदारी की अहमियत को और मजबूत करेगा।

Written by

Rajat Sahu

District Reporter

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