मुंबई : प्रतिवर्ष की भांति दिनांक : 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज जी की जयंती बड़े उत्साह और सम्मान के साथ मनाई जाती है। इस दिन महाराष्ट्र सहित पूरे भारत में रैलियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण, और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जाती हैं। यह दिन केवल एक जन्मदिन नहीं, बल्कि स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक है।
छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन सिर्फ एक शासक के रूप में सत्ता पाने का नहीं था, बल्कि उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता की अवधारणा को गहरे रूप में स्थापित किया। सत्रहवीं सदी के मध्य में भारत में एक नई धारा की शुरुआत करने वाले शिवाजी महाराज ने मुगलों के आक्रमणों के खिलाफ केवल शारीरिक युद्ध ही नहीं लड़ा, बल्कि उन्होंने भारत के सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक अधिकारों के लिए भी संघर्ष किया। छत्रपति शिवाजी महाराज जी न केवल एक महान शासक थे, बल्कि वे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के पहले नायक भी थे। उनका संघर्ष और उनके विचार स्वतंत्रता, सम्मान, और आत्मनिर्भरता की मूल बातें आज भी हमें प्रेरित करती हैं। शिवाजी महाराज का जीवन हमें यह सिखाता है कि स्वतंत्रता केवल बाहरी आक्रमणों से नहीं, बल्कि आंतरिक स्वतंत्रता, आत्मविश्वास, और दृढ़ता से भी प्राप्त की जा सकता है। उनके संघर्षों ने भारत के भीतर एक स्वतंत्रता की भावना को पैदा किया, जो अंततः देश के स्वतंत्रता संग्राम की नींव बनी।