सवा लाख बेलपत्रों से गूंजती है शिवभक्ति, पुरुषोत्तम मास में गंगा की मिट्टी से प्रतिदिन बनते हैं शिवलिंग
गाजीपुर। सनातन परंपराओं और शिवभक्ति की अनूठी मिसाल प्रस्तुत करने वाला ग्राम भीखीचौरा इन दिनों भक्ति और आस्था के वातावरण से सराबोर है। पुरुषोत्तम मास (मलमास) के अवसर पर यहां भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है।
गांव की परंपरा के अनुसार इस विशेष माह में एक माह तक चलने वाले धार्मिक अनुष्ठान के दौरान सवा लाख बेलपत्र अर्पित करने की परंपरा का निर्वहन किया जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि पुरुषोत्तम मास आत्मिक शुद्धि, तप, जप और ईश्वर भक्ति के लिए विशेष महत्व रखता है।
इस अवसर पर प्रतिदिन गंगा की मिट्टी से शिवलिंग का निर्माण किया जाता है। साथ ही भगवान गणेश की प्रतिमा एवं शिव आराधना से जुड़ी विभिन्न धार्मिक आकृतियां बनाकर उनकी विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है।
आयोजन का धार्मिक संचालन कथावाचक पंडित अंकित जी महाराज के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। उनके सान्निध्य में प्रतिदिन सुबह और शाम वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा, आरती और भजन-कीर्तन आयोजित किए जाते हैं। हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब जाता है।
इस अनुष्ठान की एक विशेष परंपरा यह भी है कि श्रद्धालु पूरे पुरुषोत्तम मास के लिए संकल्प लेते हैं और एक माह तक नियम, संयम एवं श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आराधना करते हैं। इस दौरान वे पूजा-पाठ, जप, तप और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं।
आयोजन को सफल बनाने में मुख्य आयोजक नवनीत सिंह के साथ कार्यवाहक सुमित सिंह तथा राजन सिंह, रामवतार सिंह, मनोज सिंह, सोनू सिंह, शैलेन्द्र सिंह, महेश सिंह, सुजीत सिंह, दिनेश सिंह, उमेश सिंह और विनय सिंह सहित अनेक श्रद्धालुओं का योगदान बताया जाता है।
ग्रामीणों के अनुसार यह आयोजन क्षेत्र की प्रमुख धार्मिक परंपराओं में से एक है और पुरुषोत्तम मास के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें भाग लेते हैं। इसी कारण मलमास के दौरान भीखीचौरा गांव श्रद्धा, भक्ति और सनातन संस्कृति का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन जाता है।