ग्रेटर नोएडा में कमर्शियल जमीन के उपयोग में बदलाव की तैयारी, उद्योग और संस्थानों को मिल सकता है ला
ग्रेटर नोएडा में खाली पड़े मॉल और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के बेहतर उपयोग को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कमर्शियल जमीन के उपयोग (Land Use) में बदलाव पर विचार कर रहा है, जिसके तहत कुछ जमीनों को औद्योगिक (Industrial) और संस्थागत (Institutional) उपयोग के लिए आवंटित किया जा सकता है।
सूत्रों के अनुसार, प्राधिकरण के पास करीब 200 एकड़ कमर्शियल जमीन खाली पड़ी है। वहीं दूसरी ओर उद्योग, अस्पताल, कॉलेज और अन्य शिक्षा संस्थानों के लिए जमीन की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण विभिन्न विकल्पों पर मंथन कर रहा है।
बताया जा रहा है कि प्राधिकरण के CEO इस विषय पर अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठक कर चुके हैं। आने वाले समय में Land Use और आवंटन नियमों में बदलाव से संबंधित प्रस्ताव शासन को भेजा जा सकता है।
संभावित फायदे
- खाली पड़े मॉल और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का बेहतर उपयोग
- नए उद्योगों के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना
- अस्पताल और शिक्षण संस्थानों की संख्या में वृद्धि
- निवेशकों के लिए नए अवसर
- ग्रेटर नोएडा के समग्र विकास को गति मिलने की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना लागू होती है, तो ग्रेटर नोएडा केवल रियल एस्टेट हब ही नहीं बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग के प्रमुख केंद्र के रूप में भी विकसित हो सकता है।