June 10, 2026

जून 2026 के प्रमुख हिंदू त्योहार और व्रत: महत्व और तिथिया

हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ और आषाढ़ का महीना धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान कई प्रमुख व्रत, पर्व और धार्मिक अनुष्ठान मनाए जाते हैं। जून 2026 में भी कई महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार श्रद्धा और आस्था के साथ मनाए जाएंगे। यहाँ प्रमुख पर्वों और उनके महत्व की जानकारी दी जा रही है।

  1. वट सावित्री व्रत — जून 2026

वट सावित्री व्रत विवाहित महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की मंगलकामना के लिए रखा जाता है। उत्तर भारत के कई राज्यों में यह ज्येष्ठ अमावस्या के दिन मनाया जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, देवी सावित्री ने अपने तप, निष्ठा और संकल्प के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। इसी कारण यह व्रत पतिव्रता धर्म और अटूट समर्पण का प्रतीक माना जाता है।

इस दिन महिलाएं बरगद के वृक्ष (वट वृक्ष) की पूजा करती हैं, उसके चारों ओर धागा बांधकर परिक्रमा करती हैं तथा सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं।

  1. गंगा दशहरा — जून 2026

गंगा दशहरा हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है। मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा का स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इस अवसर पर श्रद्धालु गंगा स्नान, पूजा-पाठ और दान-पुण्य करते हैं।

धार्मिक विश्वास है कि गंगा दशहरा के दिन पवित्र नदी में स्नान करने से पापों का नाश होता है और आध्यात्मिक शुद्धि प्राप्त होती है। हरिद्वार, वाराणसी, प्रयागराज और गंगाघाटों पर विशेष धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।

  1. निर्जला एकादशी — जून 2026

निर्जला एकादशी को सभी एकादशियों में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इस व्रत में श्रद्धालु बिना अन्न और जल ग्रहण किए भगवान विष्णु की उपासना करते हैं।

धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति वर्षभर की सभी एकादशियों का व्रत नहीं कर पाता, उसे केवल निर्जला एकादशी का व्रत करने से सभी एकादशियों का पुण्य प्राप्त होता है।

इस दिन जलदान, शरबत, फल, मिट्टी के घड़े तथा जरूरतमंद लोगों को पेयजल उपलब्ध कराना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।

धार्मिक और सामाजिक महत्व

जून माह में आने वाले ये पर्व केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सामाजिक एकता, दान, सेवा और पारिवारिक मूल्यों का भी संदेश देते हैं। व्रत और त्योहार भारतीय संस्कृति में संयम, श्रद्धा और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देते हैं।

महत्वपूर्ण सूचना

हिंदू पंचांग के अनुसार विभिन्न राज्यों और परंपराओं में तिथियों में अंतर हो सकता है। इसलिए किसी भी व्रत या पर्व को मनाने से पहले स्थानीय पंचांग या मान्य धार्मिक कैलेंडर से तिथि की पुष्टि अवश्य कर लें।

Puneet Jain

PUNEET JAIN JAIN

District Reporter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

INDIAN PRESS UNION

Indian Press Union (IPU) A National Platform for Journalists and Media Professionals.

© 2026 All Rights Reserved IPU MEDIA ASSOCIATION