June 10, 2026

रायसेन में भूसे के परिवहन को लेकर उठे सवाल, किसानों और पशुपालकों ने की निगरानी बढ़ाने की मांग

रायसेन। जिले में पशुओं के चारे की उपलब्धता को लेकर चिंता के बीच भूसे के परिवहन संबंधी शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय किसानों और पशुपालकों का कहना है कि जिला प्रशासन द्वारा भूसे के जिले से बाहर परिवहन को नियंत्रित करने के लिए निर्देश जारी किए जाने के बावजूद कुछ क्षेत्रों से भूसा बाहर भेजे जाने की सूचनाएं मिल रही हैं। उन्होंने मामले की जांच और निगरानी बढ़ाने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने पशुपालकों और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए भूसे की उपलब्धता बनाए रखने के उद्देश्य से परिवहन संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण और निगरानी आवश्यक है।

ग्रामीणों और किसानों के अनुसार, जिले के कुछ हिस्सों से भूसे से लदे वाहनों के आवागमन की जानकारी मिल रही है। उनका कहना है कि यदि इस संबंध में प्राप्त शिकायतों की समय पर जांच नहीं की गई तो भविष्य में पशु चारे की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

निगरानी और जांच की मांग

स्थानीय किसानों एवं पशुपालकों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रमुख मार्गों और सीमा क्षेत्रों पर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। उनका कहना है कि यदि किसी प्रकार का नियम उल्लंघन हो रहा है तो उसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

किसानों का यह भी कहना है कि चारे की उपलब्धता ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन गतिविधियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में भूसे के भंडारण, परिवहन और वितरण पर प्रभावी निगरानी बनाए रखना आवश्यक है।

पशुपालकों की चिंता

गर्मी के मौसम और मौसम संबंधी अनिश्चितताओं के कारण पहले से ही पशु चारे की उपलब्धता को लेकर चिंता बनी हुई है। पशुपालकों का मानना है कि यदि जिले में उपलब्ध भूसे का पर्याप्त संरक्षण नहीं किया गया तो आने वाले समय में चारे की मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन की स्थिति बन सकती है।

प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर

फिलहाल स्थानीय लोगों की नजर जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि किसानों और पशुपालकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके।

भूसे के परिवहन और चारे की उपलब्धता से जुड़े इस मुद्दे पर प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले कदमों का असर आने वाले समय में जिले के पशुपालन और कृषि क्षेत्र पर महत्वपूर्ण रूप से पड़ सकता है।

Written by

DEEPAK SHARMA

District Reporter

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