राजस्थान की भीषण गर्मी में पशु-पक्षियों के लिए राहत अभियान, जयपुर क्षेत्र में लगाए गए 2500 से अधिक परिंदे
राजस्थान में लगातार बढ़ती भीषण गर्मी और ऊंचे तापमान के बीच पशु-पक्षियों के लिए पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है। ऐसे हालात में जस्ट हेल्प मी फाउंडेशन द्वारा जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में 2500 से अधिक परिंदे लगाकर पशु-पक्षियों के लिए पानी उपलब्ध कराने का अभियान चलाया जा रहा है।
संस्था के अनुसार, यह अभियान “मिशन बेजुबान सुरक्षा” के तहत 1 जून से 31 जुलाई तक संचालित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य लोगों को पशु-पक्षियों की सुरक्षा और गर्मी के दौरान जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।
भीषण गर्मी में बढ़ी पशु-पक्षियों की परेशानी
राजस्थान के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। ऐसे में खुले वातावरण में रहने वाले पशु-पक्षियों के लिए पानी की उपलब्धता बड़ी चुनौती बन जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी के मौसम में पानी की कमी के कारण हर वर्ष बड़ी संख्या में पक्षी प्रभावित होते हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए संस्था के स्वयंसेवक विभिन्न क्षेत्रों में पेड़ों, सार्वजनिक स्थानों और सुरक्षित स्थानों पर परिंदे लगा रहे हैं ताकि पक्षियों को पानी मिल सके।
“मिशन बेजुबान सुरक्षा” अभियान
संस्था द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान केवल जयपुर तक सीमित नहीं है। फाउंडेशन का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को इस पहल से जोड़ना और पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना है।
संस्था के पदाधिकारियों का कहना है कि अभियान के माध्यम से लोगों को अपने घरों, दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर पानी के बर्तन रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है ताकि गर्मी में पशु-पक्षियों को राहत मिल सके।
स्थानीय लोगों का मिल रहा सहयोग
अभियान को स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। कई लोग स्वयं अपने क्षेत्रों में परिंदे लगाने और नियमित रूप से उनमें पानी भरने का कार्य कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मी के दौरान पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करना पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जागरूकता अभियान पर भी जोर
फाउंडेशन द्वारा लोगों से अपील की जा रही है कि वे अपने घरों की छतों, बालकनी और आसपास के क्षेत्रों में पानी के बर्तन रखें। इसके अलावा आवारा पशुओं के लिए भी पानी और भोजन की व्यवस्था करने पर जोर दिया जा रहा है।
संस्था का कहना है कि भविष्य में इस अभियान का विस्तार अन्य राज्यों तक भी किया जा सकता है, ताकि अधिक से अधिक पशु-पक्षियों को गर्मी के दौरान राहत मिल सके।