जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जनपद न्यायालय कौशांबी के तत्वावधान में सखी वन स्टाप सेंटर, मंझनपुर में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में एसिड अटैक पीड़ितों के अधिकार, पॉक्सो अधिनियम 2012, महिला सशक्तिकरण, लैंगिक समानता तथा सुसाइड अवेयरनेस जैसे विषयों पर जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. नितेश सिंह ने कहा कि मानसिक तनाव या शोषण की स्थिति में आत्महत्या समाधान नहीं है। उन्होंने बच्चों और महिलाओं को किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर परिवार, शिक्षकों अथवा कानूनी संस्थाओं से सहायता लेने की सलाह दी।
चीफ लीगल एंड डिफेंस काउंसिल अमित मिश्रा ने महिला अधिकारों और कानूनी सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013, दहेज निषेध अधिनियम 1961 और समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976 सहित अन्य प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 15 सभी नागरिकों को समानता का अधिकार प्रदान करता है और लिंग के आधार पर भेदभाव को प्रतिबंधित करता है।
डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल अख्तर अहमद खान ने कहा कि लैंगिक समानता केवल महिलाओं का विषय नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने बच्चों और महिलाओं को शोषण से बचाने वाले विभिन्न कानूनों तथा उनके अधिकारों की जानकारी दी।
पराविधिक स्वयं सेवक अमरदीप दिवाकर ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जाति-जनजाति के सदस्य, दिव्यांगजन, आपदा पीड़ित, श्रमिक तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण हेल्पलाइन नंबर 15100 एवं टोल फ्री नंबर 18004190234 की जानकारी भी साझा की।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रिया सिंह ने महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षित और जागरूक समाज ही समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ सकता है। उन्होंने एसिड अटैक पीड़ितों के लिए उपलब्ध कानूनी सहायता योजनाओं की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन पीएलवी अमरदीप दिवाकर ने किया। इस अवसर पर महिला कल्याण विभाग एवं सखी वन स्टाप सेंटर के कर्मचारी, पैरा लीगल वालंटियर तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।