सरहू के सरकारी आहर पर अतिक्रमण का आरोप, 100 एकड़ सिंचाई व्यवस्था पर मंडराया संकट ग्रामीणों ने एसडीओ से लगाई गुहार, कहा- अवैध मिट्टी भराई से बढ़ सकता है विवाद
पलामू: हुसैनाबाद अंचल के सरहू गांव में गैरमजरूआ आम आहर भूमि पर कथित अतिक्रमण और मिट्टी भराई का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इसे सरकारी भूमि पर कब्जे के प्रयास का आरोप लगाते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। इस संबंध में अनुमंडल पदाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, मौजा सरहू, थाना संख्या-467, खाता संख्या-126, प्लॉट संख्या-702, रकबा 71 डिसमिल भूमि राजस्व अभिलेखों में गैरमजरूआ आम आहर के रूप में दर्ज है। उनका कहना है कि यह आहर गांव के किसानों के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत है, जहां वर्षा जल एवं नहर का पानी संग्रहित होता है। इसी जल स्रोत से लगभग 100 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई होने का दावा किया गया है। आहर के पूर्वी भाग में आंगनबाड़ी केंद्र और एक मोबाइल टावर भी स्थित है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि 22 मई 2026 से गांव के कुछ लोग अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर उक्त भूमि पर मिट्टी भराई और निर्माण संबंधी गतिविधियां कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विरोध और सूचना देने के बावजूद यह कार्य जारी रहा। उनका यह भी दावा है कि पूर्व में प्रशासन द्वारा भूमि की मापी कराई जा चुकी है।
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि आहर की संरचना प्रभावित होती है तो सिंचाई व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है, जिससे किसानों को नुकसान होने की संभावना है। उन्होंने यह भी कहा कि मामले को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए, आवश्यक होने पर संबंधित कार्रवाई की जाए तथा क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाए जाएं।
Editor’s Note: मामले में लगाए गए आरोप ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत आवेदन और दावों पर आधारित हैं। संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया तथा प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष प्राप्त होना शेष है।