टेक्सटाइल मुख्य पानी के प्रदूषण की समस्या 20-25 साल पुरानी है। जिसका आज तक कोई सरकार के दवारा कोई निवारण नहीं है अगर सरकार सुविधा दे नहीं उद्योगों को लगाती क्यों है आज जोधपुर में लाखों लोग बेरोजगार हो चुके हैं क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश दिया है। वे एक लाख से अधिक श्रमिकों और परिवार के बारे में एक सेकंड भी नहीं सोचते हैं। एक लाख परिवार के सदस्य, कलर केमिकल्स सप्लायर, ट्रांसपोर्टर, टैक्सी वाले सबका घर का खर्चा उद्योग से चलता है किसी के बच्चे की फीस, किसी के घर के किस्त, किसी का मेडिकल इलाज सब रुक सकता है। सरकार को कपड़ा बाजार को प्रमोट करना चाहिए। कोई समस्या सामने है तो उसका समाधान देना चाहिए ना के कोई भी चीज बंद कर दो। लोगो से काम लाना फिर हमें काम पर समय देना फिर पैसे के लिए इंतजार करना या तो हाल है भारत में एक बिजनेसमैन सब टैक्स चुकाएं कर दे उसके बाद उसकी उधारी बनाम वह रहता है टाइम पर भुगतान आ जाए ऐसा सरकार का कोई नियम नहीं है मगर टैक्स ना भरो तो जुर्माना जरूरी है तो ठीक वैसे ही प्रदूषण हो रहा है तो उपयोग करें फंडिंग ठीक करें नियम निकल कर ना के उपयोग बंद करें दो। विश्व युद्ध के चक्कर में ऐसे वह सारे धंधे कम हो रखे हैं ऊपर से जो चल रहा है उपयोग भी बंद कर देना पूरी तरह से गलत है