*आनलाईन आईडी के माध्यम से करोड़ों का खेल, अब पैसा नहीं मिलने पर शिकायत की तैयारी*
*डोंगरगढ़* । छग प्रदेश के राजनांदगांव जिला के अंतर्गत आनलाईन आईडी के माध्यम से ग्राहक बना कर विदेश की कंपनी में पैसा लगाने के नाम से सालभर में रकम डबल करने व कमीशन के रूप में डालर के रूप में दि जाने वाली राशि का मामाल सामने आया है।
सूत्रों ने बताया है कि छग प्रदेश के राजनांदगांव, दुर्ग व भिलाई के अलावा पथलगांव, टाटानगर के एक ही परिवार के लोगो ने डोंगरगढ़ से संचालित इस कारोबार के मुख्य एजेंट के जरिये लगभग 10 करोड़ की राशि भी लगाई है। सूत्र बता रहे है कि पिछले दो सालो से आईडी के माध्यम से जमा की गई राशि का 10 प्रतिशत के माह कमाई के लालच में कई लोगो ने लाखो रूपये कमाए और अधिक मुनाफा के लालच में चैन बना कर एक से अधिक लोगो को जोड़ते हुए करोड़ों रूपये इन्वेस्ट कर दिए है। इससे जुड़े लोगो को मिलने वाला कमीशन की राशि अब समय में नही मिलने के बाद लोगो के फंसे करोड़ों रूपये के चलते तगादे में आ रहे। डोंगरगढ़ के लोगो ने जब अपने रिश्तेदारों को आनलाईन चल रहे आईडी के खेल में जमा पुंजी को निकालने किये जा रहे प्रयास के बाद यह मामला चर्चा का प्रकाश में आया है। सूत्र बता रहे हैं कि इससे जुडे एजेंट हाल ही में तगादादार लोगो को लगभग 2 करोड़ कमीशन देकर ममाले को दबाने का प्रयास भी कर रहे है। माना जा रहा है इस पूरे आईडी के खेल में लोगो ने लगभग 50 करोड़ रूपये इनवेस्ट किए है। चर्चा यह भी है कि कुछ लोग इस मामले को लेकर शासन प्रशासन के समक्ष उपस्थिति दर्ज कराकर शिकायत करने की तैयारी में भी है। आश्चर्य की बात तो यह है कि आज की तारीख में आखिर इतनी बड़ी रकम बिना किसी लिखा पढी के शासन के नियम को दरकिनार कर किस तरह और क्यों इन्वेस्ट की गई। क्या शासन प्रशासन ट्रांजेक्शन की गई राशि का किसी भी प्रकार से जांच करने में सक्षम है। सूत्र बता रहे हैं कि यह जानकारी कुछ प्रशासनिक अधिकारियों की जानकारी में भी आ चुकी है। किंतु किसी प्रकार की शिकायत सामने नही आने के कारण भी मामला सिर्फ चर्चा में ही सिमटा हुआ है। जानकारो की माने तो अखिर आईडी के माध्यम से आनलाईन करोड़ो रूपए की रकम जमा करने का खेल और कमीशन के एवज में दी जाने वाली डालर की राशि का लेनदेन किस नियम कानून के तहत संचालित किया जा रहा है और उक्त राशि का उपयोग किस कारोबार से संबंधित है। यह शासन प्रशासन के लिए एक गंभीर विषय बनकर सामने आ सकता है। बताया जा रहा है कि आईडी के चल रहे इस खेल में क्रिप्टो करंसी एवं लाॅग एशिया के नाम से पहचान दी गई है और लगभग 150 से 200 आईडी ग्राहक और एजेंट द्वारा बनाने की जानकारी समाने आ रही है।
*Devashish Govind Tokekar*
*INDIAN PRESS UNION*
*District Reporter*