बिजनौर में गुलदार का बढ़ता खतरा; अफजलगढ़ में दो युवकों पर हमले के बाद ग्रामीणों में दहशत
बिजनौर (उत्तर प्रदेश) — बिजनौर जिले में गुलदार (तेंदुआ) के हमलों की घटनाएं एक बार फिर चिंता का विषय बन गई हैं। ताजा मामला अफजलगढ़ क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां एक गुलदार के हमले में बाइक सवार दो युवक घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, हमले के बाद घायलों को उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। घटना के बाद ग्रामीणों में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
बिजनौर का बड़ा हिस्सा वन क्षेत्रों और कृषि भूमि से घिरा हुआ है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, तराई क्षेत्र के जंगलों में पाए जाने वाले गुलदार भोजन और सुरक्षित आवास की तलाश में कई बार आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं। गन्ने के खेत उनके छिपने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं, जिससे मानव और वन्यजीव के बीच आमना-सामना बढ़ जाता है।
पिछले कुछ वर्षों में अफजलगढ़, नजीबाबाद, बढ़ापुर और धामपुर जैसे क्षेत्रों से गुलदार के देखे जाने और हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में काम करने वाले लोग, बच्चे और सुबह-शाम यात्रा करने वाले लोग अधिक जोखिम में रहते हैं, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है।
वन विभाग द्वारा समय-समय पर निगरानी, पिंजरे लगाने और जागरूकता अभियान चलाने का दावा किया जाता है, हालांकि स्थानीय लोग अधिक प्रभावी और नियमित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए जंगलों में पर्याप्त शिकार प्रजातियों की उपलब्धता, वन क्षेत्रों का संरक्षण और आबादी वाले इलाकों में सतर्कता जरूरी है।