यहाँ बालोद में हुई बुलडोजर कार्रवाई पर विस्तृत न्यूज़ रिपोर्ट और उससे संबंधित एक विज़ुअल इमेज दी गई है:
न्यूज़ रिपोर्ट: बालोद में प्रशासन का ‘पीला पंजा’, नेशनल हाईवे से 97 अवैध कब्जे हटाए गए
संवाददाता: समीर वैष्णव
स्थान: बालोद (छत्तीसगढ़)
दिनांक: 14/03/2026
बालोद: जिला प्रशासन और नगर पालिका की टीम ने आज सुबह बालोद शहर और झलमला क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ एक बड़ी और कड़ी कार्रवाई की है, जिसे आम भाषा में ‘बुलडोजर एक्शन’ कहा जा रहा है। यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और सड़क चौड़ीकरण के उद्देश्य से की गई इस कार्रवाई में नेशनल हाईवे के किनारे बने 97 अवैध दुकानों और ढांचों को जमींदोज कर दिया गया।
कार्रवाई की शुरुआत सुबह-सुबह भारी पुलिस बल और कई बुलडोजर मशीनों की तैनाती के साथ हुई। प्रशासन का फोकस मुख्य रूप से उन दुकानों और टपरों पर था, जिन्होंने सड़क की मार्जिनल लैंड पर कब्जा कर लिया था, जिससे रोज़ाना भीषण जाम की स्थिति बन रही थी। नगर पालिका टीम द्वारा पहले ही इन कब्जों को चिन्हित कर लिया गया था।
तीखा विरोध और प्रशासन का तर्क
हालांकि, यह कार्रवाई पूरी तरह शांतिपूर्ण नहीं रही। जैसे ही बुलडोजर अवैध ढांचों को गिराने आगे बढ़ा, बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी और दुकानदार वहां जमा हो गए और कार्रवाई का तीखा विरोध शुरू कर दिया। व्यापारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच जमकर बहस और तीखी नोकझोंक हुई।
विरोध कर रहे व्यापारियों का मुख्य आरोप था कि प्रशासन ने उन्हें अपना सामान हटाने या कब्जा छोड़ने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया। उन्होंने मांग की कि उन्हें कुछ दिनों की मोहलत दी जाए।
दूसरी ओर, मौके पर मौजूद अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) और अन्य अधिकारियों ने सख्त रवैया अपनाते हुए कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार है। प्रशासन का तर्क था कि “सड़कें आम जनता और सुगम यातायात के लिए हैं, न कि निजी व्यवसाय के लिए। यातायात व्यवस्था को बहाल रखने के लिए यह कार्रवाई अनिवार्य और अपरिहार्य थी।”
हंगामे और विरोध को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रण में लिया गया और अवैध निर्माणों को पूरी तरह हटा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद नेशनल हाईवे पर आवाजाही काफी हद