April 2, 2026

Fuel Crisis in Bangladesh: बांग्‍लादेश में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतार, भारत ने कहा- चिंता मत करो, देश में 60 दिन का भंडार बचा

बांग्लादेश में जारी गंभीर ईंधन संकट (Fuel Crisis) और भारत द्वारा दी गई राहत पर आधारित आपका लेख नीचे दिया गया है:
​ईंधन संकट: बांग्लादेश में मचा हाहाकार, भारत बना ‘संकटमोचक’; कहा- ‘चिंता मत करो, हमारे पास है 60 दिन का स्टॉक’
​ढाका/नई दिल्ली: पड़ोसी देश बांग्लादेश इस समय पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत से जूझ रहा है। राजधानी ढाका सहित देश के तमाम प्रमुख शहरों में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई पंपों ने ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड लगा दिए हैं, जिससे आम जनता में अफरा-तफरी का माहौल है।
​बांग्लादेश में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें
​बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के अनुसार, आपूर्ति में कमी और जमाखोरी की अफवाहों के कारण मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ गया है। कई पेट्रोल पंप मालिकों ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो उन्हें परिचालन बंद करना पड़ेगा। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों में हजारों मोटरसाइकिल सवार और कार चालक रात-रात भर तेल के लिए अपनी बारी का इंतजार करते दिख रहे हैं।
​भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
​संकट की इस घड़ी में भारत ने एक बार फिर ‘पड़ोसी प्रथम’ (Neighbor First) नीति का परिचय दिया है। भारत-बांग्लादेश मैत्री पाइपलाइन (IBFP) के माध्यम से भारत ने आपातकालीन आधार पर डीजल की नई खेप भेजनी शुरू कर दी है।
​15,000 टन से अधिक आपूर्ति: हाल के दिनों में भारत ने नुमालीगढ़ रिफाइनरी से पाइपलाइन के जरिए कुल 15,000 टन से ज्यादा डीजल बांग्लादेश भेजा है।
​ताजा खेप: शनिवार और मंगलवार के बीच लगभग 7,000 टन अतिरिक्त डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है ताकि बांग्लादेश में बिजली उत्पादन और परिवहन व्यवस्था को ठप होने से बचाया जा सके।
​भारत का आश्वासन: “चिंता की बात नहीं, हमारे पास पर्याप्त भंडार”
​भारत में भी ईंधन संकट की अफवाहों को खारिज करते हुए सरकार और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने स्पष्ट किया है कि देश में तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
​”भारत के पास वर्तमान में 60 दिनों का क्रूड ऑयल (कच्चा तेल) स्टॉक सुरक्षित है। देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और राशनिंग (सीमित आपूर्ति) की कोई योजना नहीं है। लोग अफवाहों पर ध्यान न दें।” — आधिकारिक सूत्र (भारत सरकार)
​प्रमुख बिंदु: एक नजर में
स्थिति विवरण
बांग्लादेश के हालात पेट्रोल-डीजल की भारी कमी, पंपों पर लंबी लाइनें और जमाखोरी का डर।
भारत की मदद मैत्री पाइपलाइन के जरिए हजारों टन डीजल की निरंतर सप्लाई।
भारत का सुरक्षा कवच रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR) और रिफाइनरी स्टॉक मिलाकर 60 दिन का बैकअप।
वैश्विक कारण पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में तनाव और लाल सागर (Red Sea) संकट के कारण सप्लाई चेन प्रभावित।
निष्कर्ष: जहाँ एक ओर बांग्लादेश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीं भारत ने न केवल अपनी घरेलू जरूरतों को सुरक्षित रखा है, बल्कि संकट में घिरे पड़ोसी की मदद करके क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में बड़ी भूमिका निभाई है।

Written by

MUKESH AGRAWAL

District Reporter

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