न्यूज़ रिपोर्ट: बालोद सेन समाज का ऐतिहासिक निर्णय, शादियों में तड़क-भड़क और फिजूलखर्ची पर रोक
संवाददाता: समीर वैष्णव
स्थान: बालोद, छत्तीसगढ़
बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक बड़ी सामाजिक खबर सामने आ रही है। जिले के सेन समाज ने समाज में बढ़ती फिजूलखर्ची और आधुनिकता के नाम पर हो रहे दिखावे को रोकने के लिए कई कड़े और ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। समाज की जिला स्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि अब शादियों में प्री-वेडिंग शूट जैसी पश्चिमी परंपराओं पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि प्री-वेडिंग शूट के नाम पर न केवल लाखों रुपये बर्बाद हो रहे हैं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और सामाजिक मर्यादाओं के भी विपरीत है। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि विवाह के दौरान होने वाली ‘जूता चुराई’ जैसी रस्मों, जिनमें अक्सर विवाद और अनावश्यक धन की मांग होती है, उन्हें भी अब बंद किया जाएगा।
दिखावे पर लगाम, सादगी पर जोर
समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए इन आधुनिक रस्मों का खर्च उठाना मुश्किल होता जा रहा है। एक-दूसरे की देखा-देखी लोग कर्ज लेकर शादियां कर रहे हैं। इस कुरीति को तोड़ने के लिए सेन समाज ने पहल की है।
नियमों के उल्लंघन पर होगी चर्चा
पदाधिकारियों के अनुसार, यदि कोई परिवार इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो सामाजिक स्तर पर उन पर विचार किया जाएगा। समाज का लक्ष्य शादियों को वापस सादगी और संस्कारों की ओर ले जाना है। बालोद सेन समाज के इस फैसले की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है, और इसे अन्य समाजों के लिए भी एक प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।