जलुकबाड़ी में शक्ति प्रदर्शन: Himanta Biswa Sarma अपनी मामी का आशीर्वाद लेकर नामांकन दाखिल करने के लिए निकले।
नामांकन से पहले ऐतिहासिक रोडशो ने बदला चुनावी माहौल:
असम की राजनीति में चुनावी सरगर्मी उस समय और तेज हो गई जब मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने जलुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल करने से पहले एक विशाल रोडशो का नेतृत्व किया। यह रोडशो Khanapara से शुरू होकर Hengrabari स्थित जिला आयुक्त (DC) कार्यालय तक पहुंचा। हजारों समर्थकों की मौजूदगी, नारों और झंडों के बीच यह आयोजन केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि शक्ति प्रदर्शन के रूप में सामने आया। इस पूरे घटनाक्रम ने जलुकबाड़ी सीट के चुनावी समीकरणों को नई दिशा दे दी है।
नामांकन से पहले शक्ति का प्रदर्शन
मुख्यमंत्री का यह रोडशो राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जैसे ही काफिला खानापारा से आगे बढ़ा, रास्ते में जगह-जगह समर्थकों की भीड़ उमड़ती गई। स्थानीय लोग, पार्टी कार्यकर्ता और युवा बड़ी संख्या में शामिल हुए, जिससे यह रोडशो एक जनसैलाब में बदल गया।
सड़क के दोनों ओर लोगों की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि मुख्यमंत्री के प्रति समर्थन अभी भी मजबूत बना हुआ है। यह रोडशो केवल एक यात्रा नहीं था, बल्कि एक रणनीतिक कदम था जिससे जनता के साथ सीधा संपर्क स्थापित किया गया।
जलुकबाड़ी सीट का राजनीतिक महत्व:
Jalukbari विधानसभा क्षेत्र लंबे समय से मुख्यमंत्री का गढ़ रहा है। इस सीट से उनका जुड़ाव केवल राजनीतिक नहीं बल्कि भावनात्मक भी है। पिछले चुनावों में उन्होंने यहां से बड़ी जीत हासिल की थी, और इस बार भी पार्टी को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं।
यह सीट असम की राजनीति में इसलिए भी अहम है क्योंकि यह गुवाहाटी क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक विविधता को दर्शाती है। यहां का जनादेश राज्य की व्यापक राजनीतिक दिशा का संकेत देता है।
रोडशो का माहौल और जनता की भागीदारी:
रोडशो के दौरान माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंगा हुआ था। समर्थक पारंपरिक परिधान में, हाथों में झंडे और पोस्टर लिए हुए मुख्यमंत्री के समर्थन में नारे लगा रहे थे। कई जगहों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिससे यह आयोजन और भी जीवंत बन गया।
मुख्यमंत्री ने भी लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए कई बार काफिले को रोका और जनता से संवाद किया। इस तरह का सीधा संपर्क चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जाता है, जिससे मतदाताओं के साथ भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होता है।