जेवर एयरपोर्ट के पास 4000 करोड़ की ‘राजपुर औद्योगिक सिटी’ बनेगी, एडीए की बड़ी पहल, सस्ते भूखंड मिलेंगे
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (ADA) ने जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास एक महत्वाकांक्षी परियोजना ‘राजपुर औद्योगिक सिटी’ की घोषणा की है। यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को बदलेगी, बल्कि छोटे और मध्यम निवेशकों के लिए एक सुनहरा अवसर भी लेकर आई है।
इस परियोजना की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
1. परियोजना का स्वरूप और निवेश
कुल लागत: इस सिटी को बसाने में लगभग 4,000 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।
क्षेत्रफल: यह औद्योगिक सिटी कुल 1,358 हेक्टेयर (लगभग 3,396 एकड़) भूमि पर विकसित की जाएगी।
राजस्व लक्ष्य: एडीए को इस योजना से लगभग 7,000 करोड़ रुपये से अधिक की आय होने की उम्मीद है।
2. लोकेशन और कनेक्टिविटी (प्राइम हब)
जेवर एयरपोर्ट से दूरी: यह प्रस्तावित सिटी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से महज 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगी।
पड़ोसी क्षेत्र: यह यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की सीमा से सटा हुआ क्षेत्र है, जिससे इसकी व्यावसायिक अहमियत काफी बढ़ जाती है।
प्रभावित गांव: इस योजना के लिए राजपुर (1160 हेक्टेयर), नरायनपुर (55 हेक्टेयर) और सोफा (143 हेक्टेयर) गांवों की भूमि का उपयोग लैंड पूलिंग या अधिग्रहण के माध्यम से किया जाएगा।
3. ‘सस्ते भूखंड’ का बड़ा आकर्षण
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी खबर यह है कि यहाँ भूखंडों (Plots) की दरें यीडा (YEIDA) के मुकाबले कम रहने की संभावना है।
जहाँ यीडा के क्षेत्रों में कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, वहीं एडीए का लक्ष्य उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए सस्ती जमीन उपलब्ध कराना है।
यह विशेष रूप से उन MSMEs और स्टार्टअप्स के लिए फायदेमंद होगा जो एयरपोर्ट के पास अपना बेस बनाना चाहते हैं लेकिन भारी निवेश से बचना चाहते हैं।
4. रोजगार और आर्थिक प्रभाव
रोजगार के अवसर: इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 50,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
गुजरात मॉडल: एडीए के उपाध्यक्ष के अनुसार, इसे गुजरात की तर्ज पर गांव के नाम पर ही विकसित किया जा रहा है ताकि स्थानीय पहचान बनी रहे और विकास जमीनी स्तर तक पहुंचे।
औद्योगिक भविष्य: यहाँ लॉजिस्टिक हब, होटल, रेस्टोरेंट और ट्रांसपोर्ट कारोबार में भारी तेजी आने की संभावना है।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
यदि आप जेवर एयरपोर्ट के पास जमीन तलाश रहे हैं, तो ‘राजपुर औद्योगिक सिटी’ एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है। एयरपोर्ट के लोकार्पण के बाद से ही इस क्षेत्र में जमीनों की मांग बढ़ गई है। एडीए की इस पहल से उन लोगों को मौका मिलेगा जो यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे अपना उद्योग या व्यावसायिक इकाई स्थापित करना चाहते हैं।
नोट: एडीए की 90वीं बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग चुकी है, और जल्द ही इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया और विस्तृत रेट लिस्ट जारी होने की उम्मीद है।