LPG सिलेंडर की डिलीवरी में देरी, जानें अब कितने दिन में घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर, कैसे होगी सिलेंडर कि बुकिंग
आज के समय में रसोई गैस यानी LPG सिलेंडर हर घर की बुनियादी जरूरत है। हाल ही में पश्चिम एशिया (विशेषकर ईरान-इजरायल तनाव) में जारी भू-राजनीतिक संकट के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर भारत में रसोई गैस की उपलब्धता और डिलीवरी पर पड़ा है।
अगर आपको भी सिलेंडर मिलने में देरी हो रही है, तो यह लेख आपके लिए है। यहाँ जानें कि डिलीवरी में देरी क्यों हो रही है और अब नए नियमों के अनुसार आपको अगला सिलेंडर कब मिलेगा।
LPG सिलेंडर की डिलीवरी में देरी: क्या है मुख्य कारण?
पिछले कुछ हफ्तों से देश के कई बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद में उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
वैश्विक आपूर्ति में बाधा: स्वेज नहर और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों पर तनाव के कारण एलपीजी के आयात में देरी हो रही है।
पैनिक बुकिंग: किल्लत की खबरों के बीच कई उपभोक्ता जरूरत न होने पर भी एडवांस बुकिंग कर रहे हैं, जिससे सिस्टम पर दबाव बढ़ गया है।
कालाबाजारी की आशंका: सप्लाई कम होने की वजह से कुछ इलाकों में सिलेंडर की अवैध जमाखोरी और ऊंचे दामों पर बिक्री की खबरें भी सामने आई हैं।
क्षेत्र बुकिंग के बीच का अनिवार्य अंतर
शहरी क्षेत्र (Urban Areas) 25 दिन
ग्रामीण क्षेत्र (Rural Areas) 45 दिन
डिलीवरी में कितना समय लगेगा?
सामान्य परिस्थितियों में बुकिंग के 24 से 48 घंटों के भीतर सिलेंडर घर पहुंच जाना चाहिए। हालांकि, वर्तमान संकट के कारण कई क्षेत्रों में यह समय सीमा 3 से 7 दिन तक बढ़ गई है। तेल कंपनियों (Indane, HP, Bharat Gas) ने वितरकों को निर्देश दिया है कि वे प्राथमिकता के आधार पर डिलीवरी सुनिश्चित करें।
सावधान रहें: भ्रामक खबरों से बचें
सोशल मीडिया पर कुछ खबरें वायरल हो रही थीं कि सरकार ने बुकिंग का समय बढ़ाकर 35 दिन कर दिया है। सरकार ने इन खबरों का खंडन करते हुए इन्हें भ्रामक बताया है। वर्तमान में केवल 25 दिन (शहरी) और 45 दिन (ग्रामीण) का नियम ही प्रभावी है।
क्या करें अगर डिलीवरी में बहुत ज्यादा देरी हो?
अपनी गैस एजेंसी के टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करें।
एजेंसी के मोबाइल ऐप (जैसे IndianOil ONE या HP Pay) के जरिए अपनी बुकिंग का स्टेटस ट्रैक करें।
जरूरत पड़ने पर पेट्रोलियम मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत करें।
निष्कर्ष: रसोई गैस की सप्लाई को लेकर सरकार और तेल कंपनियां लगातार काम कर रही हैं। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे पैनिक बुकिंग न करें और केवल जरूरत होने पर ही सिलेंडर बुक करें ताकि सभी तक गैस पहुंच सके।