विधान परिषद चुनावों के बीच मुख्यमंत्री का विपक्ष पर पलटवार, बोले—विश्वास से जीता जाता है लोगों का दिल
नवी मुंबई:
महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान कुछ उम्मीदवारों द्वारा नाम वापस लिए जाने के बाद विपक्ष ने महायुति पर लाभ लेने और कथित राजनीतिक दबाव के आरोप लगाए हैं। इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब दिया।
मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों का दिल पैसों से नहीं, बल्कि प्यार और विश्वास से जीता जाता है। उन्होंने कहा कि यदि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए कोई विधायी पहल की जाती है, तो उस पर विचार किया जा सकता है।
कोंकण विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र में उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ नेताओं के भाजपा के संपर्क में होने की जानकारी पहले से थी। उन्होंने कहा कि पार्टी में अंतिम निर्णय संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत लिया जाता है और प्रदेश नेतृत्व द्वारा लिए गए निर्णयों का सम्मान किया जाता है।
दूसरी ओर, Supriya Sule ने आरोप लगाया है कि हाल के चुनावों में कथित रूप से हॉर्स-ट्रेडिंग हो रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विपक्षी उम्मीदवारों पर दबाव बनाने के लिए जांच एजेंसियों का उपयोग किया जा रहा है। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों द्वारा सहमति व्यक्त नहीं की गई है।
सुले ने कहा कि वह चुनाव प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए संसद में एक विधेयक लाने का प्रयास करेंगी।
विधान परिषद चुनावों को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी जारी है और सभी पक्ष अपने-अपने दावे और तर्क सामने रख रहे हैं। चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया और अधिक तेज होने की संभावना जताई जा रही है।