20 दिन हो गए, बंगाल सरकार के GST विभाग की दबंगई जारी, ट्रक मालिकों को भारी नुकसान
20 दिन हो गए, बंगाल सरकार के GST विभाग की दबंगई जारी, ट्रक मालिकों को भारी नुकसान
वैध कागजात के बावजूद सैकड़ों वाहन अटके, ट्रक चालकों और कारोबारियों की बढ़ी परेशानी
कोलकाता: असम-बंगाल सीमा पर चेकिंग के दौरान बड़ी संख्या में गाड़ियों के पिछले करीब 20 दिनों से फंसे होने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सीमा पर 250 से अधिक और अलीपुरद्वार के पास करीब 100 वाहनों के फंसे होने का दावा किया जा रहा है।
वैध कागजात के बावजूद अटके वाहन
कर्मचारियों के अनुसार, वाहनों के लंबे समय से रुके रहने के कारण उन्हें करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। वहीं, ट्रक मालिकों और ड्राइवरों को भी प्रतिदिन लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और पंजाब से आने वाले ट्रकों को भी सीमा पर रोक दिया गया है। ट्रक चालकों का कहना है कि वे अपने परिवार से दूर रहकर परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
ड्राइवरों का कहना है कि यदि कागजात में कोई कमी है या वाहनों में कोई गड़बड़ी है, तो प्रशासन कार्रवाई करे या वाहनों को जब्त करे, ताकि वे अपने मालिकों को स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी दे सकें। उनका आरोप है कि स्थानीय प्रशासन की ओर से उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है।
खाने-पीने से लेकर सुरक्षा तक की समस्या
लंबे समय से सड़क पर खड़े ड्राइवरों के सामने भोजन और पीने के पानी की समस्या भी पैदा हो गई है। रात के समय ट्रकों में लदे सामान की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है। ड्राइवरों ने चोरी होने की आशंका भी जताई है।
उनका कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो संबंधित सामान की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
आरोप: 'यू-टर्न' लेने को कह रहे स्थानीय अधिकारी
गाड़ी मालिकों और कारोबारियों का दावा है कि सभी वाहनों के पास वैध दस्तावेज, ई-वे बिल और टैक्स इनवॉइस मौजूद हैं। इसके बावजूद उन्हें पश्चिम बंगाल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है। इसके कारण ट्रक चालकों के सामने वाहनों को वापस ले जाने की समस्या भी खड़ी हो गई है।
मालिकों का आरोप है कि स्थानीय अधिकारियों की ओर से कुछ वाहनों को वापस लौटने यानी यू-टर्न लेने के लिए कहा जा रहा है। कारोबारियों का कहना है कि यदि दस्तावेज सही हैं, तो वाहनों को किस आधार पर रोका जा रहा है, इसकी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।
ड्राइवरों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ड्राइवरों का कहना है कि यदि अगले एक-दो दिनों में वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई, तो वे ट्रक छोड़कर आंदोलन करने को मजबूर हो सकते हैं। लंबे समय से सीमा पर फंसे रहने के कारण उनके सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी कठिनाई आ रही है।
ड्राइवरों ने प्रशासन से मांग की है कि वाहनों को रोकने का स्पष्ट कारण बताया जाए और यदि कोई कानूनी बाधा नहीं है, तो उन्हें जल्द से जल्द आगे जाने की अनुमति दी जाए।
'ऊपर के आदेश' का हवाला
इस बारे में जब अलीपुरद्वार के GST अधिकारियों से जानकारी लेने की कोशिश की गई, तो कथित तौर पर अधिकारियों ने इसे 'ऊपर का आदेश' बताते हुए आगे जानकारी देने से इनकार किया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह निर्देश किस अधिकारी या किस स्तर से जारी हुआ है।
कोलकाता स्थित संबंधित कार्यालय में भी GST के वरिष्ठ अधिकारी से मामले पर प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। कार्यालय के कर्मचारियों की ओर से बताया गया कि अधिकारी व्यस्त हैं।
यहां यह भी उल्लेखनीय है कि GST व्यवस्था में केंद्रीय और राज्य, दोनों स्तर के विभाग हैं। कारोबारियों के अनुसार, मौजूदा मामला राज्य GST से संबंधित है।
कारोबारियों ने प्रशासन से मांगा जवाब
कारोबारियों का कहना है कि यदि वाहनों को रोकने का कोई आधिकारिक आदेश जारी किया गया है, तो उसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि वाहनों को रोकने का आधार क्या है और उन्हें पश्चिम बंगाल में प्रवेश की अनुमति कब दी जाएगी।
लगातार 20 दिनों से वाहनों के फंसे रहने के कारण कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ट्रक मालिकों और ड्राइवरों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करने की मांग की है।