सिम्स हॉस्पिटल में अब बिजली संकट की समस्या का होगा समाधान
बिलासपुर CIMS में बिजली व्यवस्था सुधारने की तैयारी, दूसरा फीडर और सोलर पैनल लगाने की योजना
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (CIMS), बिलासपुर में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त बिजली फीडर और सोलर पैनल लगाने की योजना तैयार की है। हाल में CIMS में बिजली पैनल से जुड़ी घटना के बाद कई वार्डों में बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की रिपोर्ट सामने आई थी।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, कैंपस में करीब ₹30 लाख की लागत से दूसरा बिजली फीडर लगाया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए बिजली विभाग के पास आवश्यक राशि जमा किए जाने की जानकारी दी गई है। दूसरा फीडर उपलब्ध होने से बिजली आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था विकसित करने में मदद मिल सकती है।
वर्तमान में बिजली आपूर्ति के लिए उपलब्ध व्यवस्था पर अधिक निर्भरता के कारण बिजली बाधित होने की स्थिति में अस्पताल के कुछ हिस्सों पर असर पड़ सकता है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, भारी लोड की स्थिति में मौजूदा डीजल जनरेटर भी पर्याप्त बैकअप देने में कठिनाई का सामना करते हैं।
पुरानी बिल्डिंग की छत पर सोलर पैनल का प्रस्ताव
बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए CIMS की पुरानी बिल्डिंग की छत पर भी सोलर पैनल लगाने की योजना है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस कार्य पर करीब ₹32 लाख खर्च होने का अनुमान है और प्रस्तावित सोलर सिस्टम की क्षमता लगभग 2,000 वाट बताई गई है।
सोलर पैनल और दूसरे फीडर की व्यवस्था अस्पताल की बिजली जरूरतों के लिए अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रस्तावित की गई है। हालांकि, इन परियोजनाओं से बिजली आपूर्ति में कितना सुधार होगा, यह इनके installation, commissioning और operational performance के बाद ही स्पष्ट होगा।
टेंडर प्रक्रिया के बाद शुरू होगा काम
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, दोनों कार्यों के लिए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद फीडर और सोलर पैनल से संबंधित काम शुरू किए जाने की योजना है।
CIMS में बिजली व्यवस्था को मजबूत करना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अस्पताल में ICU और अन्य महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधाएं संचालित होती हैं। अप्रैल 2026 में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के समक्ष भी CIMS में बढ़ते electrical load और emergency preparedness से संबंधित पहलुओं का उल्लेख हुआ था।
प्रस्तावित दूसरा फीडर और सोलर सिस्टम अस्पताल की बिजली व्यवस्था में अतिरिक्त क्षमता और वैकल्पिक स्रोत उपलब्ध कराने की दिशा में कदम हो सकते हैं। परियोजनाओं के पूरा होने और उनके संचालन के बाद ही इनके वास्तविक प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।