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राजस्थान की शहरी सरकारों पर भाजपा का दबदबा, 198 अध्यक्ष पद जीतकर बनाई बढ़त, कांग्रेस 94 निकायों तक सीमित, कई शहरों में निर्दलीयों ने निभाई किंगमेकर की भूमिका

By NISHANT PANDIT • 2026-09-23 07:07 • 2 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
राजस्थान की शहरी सरकारों पर भाजपा का दबदबा, 198 अध्यक्ष पद जीतकर बनाई बढ़त, कांग्रेस 94 निकायों तक सीमित, कई शहरों में निर्दलीयों ने निभाई किंगमेकर की भूमिका

राजस्थान निकाय चुनाव: अध्यक्ष और मेयर पदों के परिणामों से तस्वीर हुई स्पष्ट

उदयपुर/जयपुर: राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में अध्यक्ष और मेयर पदों के परिणामों के साथ प्रदेश की शहरी स्थानीय राजनीति की तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। 21 सितंबर 2026 तक उपलब्ध परिणामों के अनुसार 301 नगरीय निकायों के प्रमुख पदों के चुनाव परिणाम घोषित हो चुके थे। उपलब्ध आंकड़ों में भाजपा और कांग्रेस के साथ निर्दलीय तथा अन्य दलों के उम्मीदवारों ने भी विभिन्न निकायों में जीत दर्ज की है।

उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार भाजपा ने 197 निकायों में बोर्ड बनाया, जबकि कांग्रेस को 94 निकायों में सफलता मिली। सात निकायों में निर्दलीय उम्मीदवार अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए। आम आदमी पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के उम्मीदवारों ने भी एक-एक निकाय में अध्यक्ष पद हासिल किया।

नगर निगमों के स्तर पर सात निगमों के मेयर पदों के परिणाम घोषित हो चुके थे। भाजपा के उम्मीदवार अलवर, अजमेर, उदयपुर, पाली, भरतपुर और भीलवाड़ा में मेयर पद पर निर्वाचित हुए, जबकि बीकानेर में कांग्रेस के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की। जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगमों के मेयर पदों के लिए चुनाव 25 सितंबर को निर्धारित हैं।

कुछ निकायों में पार्षदों के चुनाव और अध्यक्ष या मेयर पद के परिणामों के बीच अंतर भी देखने को मिला। पाली में कांग्रेस के पास पार्षदों की संख्या अधिक थी, लेकिन मेयर चुनाव में भाजपा उम्मीदवार नमिता बुबकिया निर्वाचित हुईं। अजमेर और अलवर में भी निर्दलीय पार्षदों के समर्थन ने मेयर चुनाव के परिणाम को प्रभावित किया।

पार्षद चुनावों में भी भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला रहा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार भाजपा ने 4,182 वार्डों में जीत दर्ज की थी। वहीं कई निकायों में निर्दलीय पार्षदों की संख्या महत्वपूर्ण रही, जिससे अध्यक्ष और मेयर चुनाव के दौरान समर्थन के समीकरण बने।

राज्य के कुल 309 नगरीय निकायों में से कुछ निकायों के प्रमुख पदों के चुनाव अभी शेष थे। इसलिए अंतिम तस्वीर सभी लंबित चुनावों के परिणाम आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी। 25 सितंबर को जयपुर, जोधपुर और कोटा सहित निर्धारित निकायों के चुनाव परिणाम भी इस अंतिम स्थिति को प्रभावित करेंगे।

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