CJP के विरोध-प्रदर्शनों पर इंडियन प्रेस यूनियन का करारा प्रहार — पत्रकारिता की आड़ में राजनीतिक खेल और फर्जी पहचान का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं!
CJP विरोध-प्रदर्शनों में इंडियन प्रेस यूनियन की पहचान के कथित दुरुपयोग पर सख्त रुख, फर्जी प्रेस कार्ड बनाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
नई दिल्ली | 24 अक्टूबर 2026
इंडियन प्रेस यूनियन ने स्पष्ट किया है कि देश की आवाज़ उठाने के उद्देश्य से शुरू की गई उसकी सदस्यता व्यवस्था को किसी भी राजनीतिक संगठन, आंदोलन या व्यक्ति द्वारा फर्जी पहचान और गैरकानूनी गतिविधियों का माध्यम नहीं बनने दिया जाएगा।
हाल के CJP विरोध-प्रदर्शनों के दौरान इंडियन प्रेस यूनियन के नाम वाले पहचान पत्रों के इस्तेमाल को लेकर सामने आए विवाद पर संगठन ने गंभीर आपत्ति दर्ज की है।
इंडियन प्रेस यूनियन का कहना है कि संगठन की पहचान और पत्रकारिता की विश्वसनीयता के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि जांच में यह सामने आता है कि CJP से जुड़े व्यक्तियों या अन्य किसी समूह ने संगठन के नाम से फर्जी पहचान पत्र तैयार किए, उनमें छेड़छाड़ की या उनका अनधिकृत इस्तेमाल किया, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इंडियन प्रेस यूनियन का स्पष्ट सवाल है — यदि किसी व्यक्ति को संगठन का अधिकृत प्रतिनिधित्व प्राप्त नहीं है, तो वह संगठन की पहचान का इस्तेमाल किस अधिकार से कर रहा है? ऐसे पहचान पत्र कहां से आए, किसने तैयार किए और किस उद्देश्य से इस्तेमाल किए गए?
इन सवालों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
संगठन ने स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान, देश की एकता-अखंडता और कानून के शासन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता अटूट है। शांतिपूर्ण विरोध का संवैधानिक अधिकार अपनी जगह है, लेकिन फर्जी दस्तावेजों, झूठे प्रतिनिधित्व या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को पत्रकारिता की आड़ में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
इंडियन प्रेस यूनियन अपनी संस्थागत पहचान और वास्तविक सदस्यों की प्रतिष्ठा की रक्षा के लिए सभी उपलब्ध कानूनी विकल्प अपनाएगा। संगठन की पहचान का दुरुपयोग करने वालों को जवाबदेह ठहराना आवश्यक है, चाहे उनका संबंध किसी भी राजनीतिक समूह या संगठन से हो।
