National

पिंडदान के बाद 'सियासी तर्पण': गयाजी की वेदी से कांग्रेस पर वार, पर सवालों का जवाब कौन देगा?

By VIJAY KUMAR • 2026-10-01 04:03 • 3 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
पिंडदान के बाद 'सियासी तर्पण': गयाजी की वेदी से कांग्रेस पर वार, पर सवालों का जवाब कौन देगा?

गयाजी में पिंडदान के बाद विजय पाल सिंह तोमर ने कांग्रेस और चुनावी मुद्दों पर की टिप्पणी

गया: भाजपा नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद विजय पाल सिंह तोमर ने गयाजी के विष्णुपद मंदिर में पिंडदान किया। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

चुनावी प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस पर टिप्पणी

तोमर ने कहा कि चुनावी परिणाम अनुकूल होने पर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल नहीं उठाए जाते, जबकि परिणाम विपरीत होने पर ईवीएम और चुनाव आयोग को लेकर आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष के चुनाव संबंधी आरोपों पर सवाल उठाते हुए अपनी बात रखी।

चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगाए गए आरोपों पर राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में संबंधित आरोपों और उनके जवाबों को आधिकारिक तथ्यों तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर देखा जाना महत्वपूर्ण है।

बिहार में कानून-व्यवस्था पर बयान

गया में तोमर ने बिहार सहित एनडीए शासित राज्यों में कानून-व्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने सरकारों के कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्था का उल्लेख करते हुए एनडीए शासन के पक्ष को सामने रखा।

चिराग पासवान के उत्तर प्रदेश चुनाव को लेकर सवाल

तोमर से जब लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता चिराग पासवान की उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावित तैयारी को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने इस विषय पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

चिराग पासवान के उत्तर प्रदेश में चुनावी गतिविधियों से जुड़े सवाल पर तोमर की प्रतिक्रिया को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जरूर हुईं, लेकिन उनके बयान से भाजपा और लोजपा (रामविलास) के बीच किसी विशेष रणनीतिक मतभेद का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

गयाजी दौरे में धार्मिक और राजनीतिक गतिविधियां

तोमर का गयाजी दौरा धार्मिक कार्यक्रम और उसके बाद दिए गए राजनीतिक बयानों के कारण चर्चा में रहा। उनके बयानों में चुनावी प्रक्रिया, कानून-व्यवस्था और सहयोगी दलों से जुड़े मुद्दे शामिल रहे। इन बयानों को संबंधित नेताओं के राजनीतिक दृष्टिकोण के रूप में देखा जाना चाहिए।

VIJAY KUMAR 0 followers