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जब रोहतास लौटा ‘खाकी का गौरव’: मगध आईजी विकास वैभव का नासरीगंज में आत्मीय अभिनंदन,

By VIJAY KUMAR • 2026-10-03 04:06 • 4 views   Share WhatsApp Share Facebook Share X
जब रोहतास लौटा ‘खाकी का गौरव’:  मगध आईजी विकास वैभव का नासरीगंज में आत्मीय अभिनंदन,

जब रोहतास लौटा ‘खाकी का गौरव’:
मगध आईजी विकास वैभव का नासरीगंज में आत्मीय अभिनंदन,

विजय कुमार, वरिष्ठ पत्रकार
​रोहतास / नासरीगंज : ​बिहार पुलिस के सबसे चर्चित और जनप्रिय अधिकारियों में शुमार आईपीएस विकास वैभव जब मगध रेंज के आईजी का दायित्व संभालने के बाद रोहतास की धरा पर पहुंचे, तो नासरीगंज में हुआ उनका स्वागत सिर्फ एक प्रशासनिक अधिकारी का अभिनंदन नहीं, बल्कि जनता और एक सच्चे सेवक के बीच के अटूट रिश्ते का सजीव प्रमाण था।
फूल-मालाओं, तालियों की गड़गड़ाहट और आत्मीय मुस्कान के बीच स्थानीय नागरिकों, बुद्धिजीवियों और युवाओं ने उनका भव्य स्वागत किया ।

​रोहतास की मिट्टी और विकास वैभव का स्वर्णिम इतिहास :
​रोहतास से विकास वैभव का रिश्ता केवल सरकारी सेवा का नहीं रहा, बल्कि यह उस दौर की दास्तान है जब रोहतास और कैमूर की घाटियों में नक्सलियों और अपराधियों का खौफ हुआ करता था।
बतौर एसपी, विकास वैभव ने न केवल अपराध और माफिया सिंडिकेट की रीढ़ तोड़ी, बल्कि जंगलों और पहाड़ों में रहने वाले आम आदिवासियों और ग्रामीणों के दिलों में विश्वास की नई किरण जलाई।
रोहतासगढ़ किले पर तिरंगा फहराकर उन्होंने प्रशासनिक इकबाल को जिस बुलंदी पर पहुंचाया था, उसकी गूंज आज भी रोहतास के जनमानस में ताजा है।

​वर्दी के पार: सामाजिक पुनर्जागरण के संवाहक,
​आईआईटी कानपुर से शिक्षा प्राप्त कर पुलिस सेवा में आए विकास वैभव ने कभी भी पुलिसिंग को केवल डंडे और कानून की सीमाओं तक सीमित नहीं रखा।
अपराध के खिलाफ उनका रुख जितना कड़ा रहा, समाज के प्रति उनका दृष्टिकोण उतना ही संवेदनशील। '

लेट्स इंस्पायर बिहार' जैसी मुहिम के माध्यम से उन्होंने शिक्षा, समता और उद्यमिता को बढ़ावा देकर बिहार के लाखों युवाओं को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ते हुए सकारात्मक बदलाव की राह दिखाई है।

​मगध रेंज में ‘जीरो टॉलरेंस’ और न्याय का संकल्प
​मगध प्रक्षेत्र का आईजी बनने के बाद उनके इस दौरे ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि आम जनता से दूरी बनाकर नहीं, बल्कि जनता के बीच जाकर ही अपराध मुक्त समाज की नींव रखी जा सकती है।
मगध रेंज में बालू-शराब माफिया, संगठित अपराध और थानों में आम नागरिकों की त्वरित सुनवाई को लेकर उनकी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति से अपराधियों में हड़कंप है और आम जनता में सुरक्षा का भरोसा लौटा है।

​निष्कर्ष: जनता का भरोसा ही असली ताकत,
​नासरीगंज की धरती पर दिखा यह जनसैलाब बताता है कि जब कोई अधिकारी पद की लालसा से ऊपर उठकर निष्ठा और ईमानदारी से समाज की सेवा करता है, तो जनता वर्षों बाद भी उसे पलकों पर बैठाती है।

विकास वैभव का यह दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि कानून के राज और जनता के अटूट विश्वास का जीवंत संगम साबित हुआ है।

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