यूरेनियम कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के विस्थापित रैयतों के पुनर्वास को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित
अनुमंडल पदाधिकारी, धालभूम श्री अर्णव मिश्रा की अध्यक्षता में यूरेनियम कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) की परियोजना अंतर्गत मौजा-भाटिन, टोला-चाटिकोचा के विस्थापित रैयतों के पुनर्वास से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक जिला परिषद सभागार में आयोजित की गई।
बैठक में पुनर्वास से जुड़ी मूलभूत सुविधाओं—पथ निर्माण, पेयजल आपूर्ति, विद्युत व्यवस्था—से संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंता, भू-अर्जन पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी मुसाबनी एवं पोटका सहित अन्य विभागीय पदाधिकारी तथा यूसीआईएल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान यूसीआईएल के प्रतिनिधियों द्वारा जानकारी दी गई कि मौजा-भाटिन, टोला-चाटिकोचा में यूसीआईएल माइंस के टेलिंग पोंड (थर्ड स्टेज) निर्माण हेतु अधिग्रहित भूमि से प्रभावित कुल 60 परिवारों के पुनर्वास की योजना बनाई गई थी, जो वर्तमान में बढ़कर 80 परिवार हो चुकी है। इन सभी परिवारों के पुनर्वास के लिए मौजा-धोबनी, मौजा-भाटिन एवं मौजा-बेनासोल को संभावित स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। हालांकि, कुछ स्थानीय आपत्तियों एवं प्रक्रियागत बाधाओं के कारण अब तक विस्थापन की प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकी है।
पुनर्वास हेतु कुल 80 परिवारों के लिए लगभग 12 एकड़ भूमि की आवश्यकता बताई गई। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि मौजा-धोबनी में 45 विस्थापित परिवारों को प्रति परिवार 12 डिसमिल भूमि आवंटित करने की योजना है।
अनुमंडल पदाधिकारी श्री अर्णव मिश्रा ने पुनर्वास कार्य में आ रही समस्याओं को स्पष्ट रूप से चिन्हित कर सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने यांत्रिकी विभाग को शीघ्र परियोजना का प्रारूप एवं प्राक्कलन तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा, ताकि विस्थापित परिवारों की मूलभूत आवश्यकताओं—आवास, सड़क, पानी, बिजली—के साथ-साथ उनकी सामाजिक एवं सांस्कृतिक भावनाओं का भी समुचित ध्यान रखा जा सके।
उन्होंने स्थानीय प्रशासन एवं यूसीआईएल के अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की जायज मांगों, आवश्यकताओं एवं भावनाओं का सम्मान करते हुए आपसी समन्वय से पुनर्वास प्रक्रिया को तेज गति से और संतुलित ढंग से आगे बढ़ाया जाए, जिससे प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें समय पर समुचित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
रिपोर्ट: आनंद किशोर