February 16, 2026

अबूझमाड़ में नक्सली मंसूबों पर करारा वार

खोड़पार के जंगलों में ITBP–पुलिस की संयुक्त बड़ी कार्रवाई, नक्सली डंप ध्वस्त; हथियार, कारतूस और IED सामग्री का जखीरा जब्त…

कैलाश सोनी- नारायणपुर। अबूझमाड़ के दुर्गम जंगलों में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका देते हुए 29वीं वाहिनी आईटीबीपी और नारायणपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने थाना ओरछा क्षेत्र के ग्राम खोड़पार (गोमागल) के पहाड़ी–जंगल क्षेत्र में छिपाकर रखे गए नक्सली डंप का भंडाफोड़ कर उसे मौके पर ही ध्वस्त कर दिया। सर्च ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद हुई है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि नक्सली किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे।

विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर 14 फरवरी 2026 को यह संयुक्त अभियान अंजाम दिया गया। अभियान का नेतृत्व 29वीं वाहिनी आईटीबीपी के द्वितीय कमान अधिकारी दीपक सेमल्टी ने किया। कैंप धनौरा से निकली संयुक्त टीम में आईटीबीपी, एसएटी और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान शामिल थे। दुर्गम पहाड़ी रास्तों, घने जंगल और जोखिम भरे इलाके में घंटों तक चली सघन तलाशी के बाद सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए डंप तक पहुंच बनाई।

जंगल में छिपा था ‘युद्ध का गोदाम’

तलाशी के दौरान भरमार रायफलों से लेकर आधुनिक हथियारों के कारतूस, एलएमजी नाइट साइट, मैगजीन और आईईडी निर्माण में प्रयुक्त सामग्री बरामद हुई। डंप से मिले इलेक्ट्रिक वायर, बीजीएल सेल, सोल्डरिंग आयरन और वायर कटर जैसे उपकरण इस बात की पुष्टि करते हैं कि नक्सली संगठन क्षेत्र में विस्फोटक वारदातों की साजिश रच रहा था। सुरक्षा बलों की तत्परता ने इस साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया।

बरामद हथियार और सामग्री

संयुक्त कार्रवाई में भरमार 12 बोर रायफल (2), भरमार सिंगल शॉट रायफल (1), भरमार पुराने मॉडल (5), एलएमजी पैसिव नाइट साइट (1), 5.56 बॉल कारतूस (52), 8 मिमी कारतूस (10), .303 कारतूस (10), 12 बोर कारतूस (18), खाली खोखे (4), बीजीएल सेल (15), 5.56 इंसास एलएमजी मैगजीन (2), 7.62 एसएलआर मैगजीन (1) के साथ आईईडी निर्माण में उपयोगी इलेक्ट्रिक वायर, सोल्डरिंग आयरन, बड़े–मध्यम–छोटे वायर कटर, स्क्रूड्राइवर सेट, नक्सली पिट्ठू सेट, पाउच और दैनिक उपयोग की सामग्री जब्त की गई।

नक्सलियों की लॉजिस्टिक रीढ़ पर चोट

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह कार्रवाई नक्सल नेटवर्क की लॉजिस्टिक सप्लाई लाइन पर सीधा प्रहार है। हथियारों और विस्फोटक सामग्री का यह भंडार किसी बड़ी घटना के लिए जुटाया गया था। डंप के ध्वस्तीकरण से नक्सली संगठन की परिचालन क्षमता को गंभीर क्षति पहुंची है। अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र में लगातार बढ़ रही सुरक्षा बलों की सक्रियता से नक्सली दबाव में हैं और उनकी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लग रहा है।

इलाके में बढ़ाई गई चौकसी, सर्चिंग जारी

कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने सर्चिंग और डॉमिनेशन अभियान तेज कर दिए हैं। संभावित ठिकानों की घेराबंदी कर जंगल-पहाड़ी इलाकों में गश्त बढ़ाई गई है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नक्सली मूवमेंट की सूचना तुरंत साझा करें, ताकि शांति व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

विश्वास का संदेश

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा के साथ-साथ विकास की योजनाओं को गति दी जा रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और संचार जैसी सुविधाओं के विस्तार से नक्सलियों की पकड़ कमजोर हो रही है। “नक्सलमुक्त, सुरक्षित और विकसित नारायणपुर” के संकल्प के साथ सुरक्षा बल लगातार मोर्चा संभाले हुए हैं। अबूझमाड़ में यह कार्रवाई भरोसे की उसी नई सुबह का संकेत है, जहां डर के अंधेरे पर कानून का उजाला भारी पड़ रहा है।

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