देवी अहिल्या की पावन नगरी इंदौर में रंगपंचमी का उत्सव इस बार भी पूरे उल्लास और परंपरागत रंगों के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर के प्रमुख मार्गों पर निकली गेर में हजारों लोग शामिल हुए। राजवाड़ा क्षेत्र में पहुंचकर यह पारंपरिक गेर संपन्न हुई, जहां गुलाल के रंगों और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच लोगों ने जमकर रंग खेला।
इंदौर की पहचान बन चुकी यह गेर केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत रूप है। चारों ओर रंगों की बारिश, नाचते-गाते युवाओं की टोली और उत्साहित परिवारों ने माहौल को यादगार बना दिया।
उत्सव के बाद शहर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी भी निभाई गई। महापौर और नगर निगम की टीम खुद मैदान में उतरकर सफाई व्यवस्था में जुटी नजर आई। यही इंदौर की खासियत है—जहां उत्सव भी पूरे जोश से मनाया जाता है और स्वच्छता की परंपरा भी उतनी ही मजबूती से निभाई जाती है।