*कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर में शोक की लाबें: ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर शिया समुदाय का तीन दिन का शोक*
*कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर में शोक की लाबें: ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर शिया समुदाय का तीन दिन का शोक*
चिक्कबल्लापुर जिले के अलीपुर गांव में शिया मुस्लिम समुदाय ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद तीन दिन के शोक की घोषणा की है। गांव के लगभग 90% शिया मुस्लिम आबादी वाले इस गांव में शोक की भावना है, जहां दुकानें और व्यवसाय स्वेच्छा से बंद हैं ।
अलीपुर गांव, जिसे “मिनी ईरान” के नाम से भी जाना जाता है, में खामेनेई की तस्वीरें लेकर लोग सड़कों पर उतरे हैं और उनके खिलाफ हुए हमले की निंदा कर रहे हैं। गांव में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ।
*खामेनेई का दौरा*
खामेनेई ने 1986 में इस गांव का दौरा किया था, जिससे गांव और ईरान के बीच मजबूत संबंध बने थे। गांव में एक अस्पताल भी है जो खामेनेई के नाम पर बनाया गया है।
शोक की अवधि के दौरान, गांव के निवासियों ने काले कपड़े पहने और काले झंडे लेकर मार्च निकाला। उन्होंने खामेनेई की मौत की निंदा की और उनके प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
क्या आप जानना चाहते हैं कि खामेनेई की मौत के बाद भारत सरकार की प्रतिक्रिया क्या है? या फिर अलीपुर गांव के लोगों के लिए आगे क्या कदम उठाए जा रहे हैं?