जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल में हुए आतंकवादी हमले से जुड़े गopro कैमरे की आपूर्ति श्रृंखला और उपयोगकर्ता विवरण की खोज के लिए एक विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कोर्ट ने चीन के एक सक्षम न्यायिक प्राधिकरण को सहायता के लिए पत्र लिखा है। यह जानकारी बुधवार को एक प्रमुख समाचार पत्र ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ द्वारा साझा की गई।
इस विशेष आदेश को NIA के उप निरीक्षक जनरल संदीप चौधरी द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 112 के तहत दायर की गई याचिका पर जारी किया गया। यह धारा भारतीय अदालतों को विदेशी देशों से सबूत मांगने की अनुमति देती है।
बता दें कि पहलगाम के बैसरान क्षेत्र में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए थे और 16 अन्य घायल हुए थे। स्थानीय पुलिस के अनुसार, आतंकवादियों ने पर्यटकों से उनके नाम पूछकर उनकी धार्मिक पहचान जानने का प्रयास किया था। मरने वालों में से तीन को छोड़कर सभी हिंदू थे।
NIA ने इस मामले में कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और सामग्री को जब्त किया है, जो हमले की साजिश और निष्पादन से संबंधित हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण उपकरण गopro हीरो 12 ब्लैक कैमरा था, जिसे आतंकवादी मॉड्यूल की पूर्व-हमला की जानकारी, गति पैटर्न, और संचालन की तैयारी के लिए अत्यंत आवश्यक बताया गया है।
NIA ने इस कैमरे के निर्माता को भी नोटिस जारी किया है, ताकि उसके अन्य उपयोगकर्ताओं और संबंधित जानकारी को प्राप्त किया जा सके। यह जांच इस बात की पुष्टि करने का प्रयास कर रही है कि आतंकवादी हमले की योजना कैसे बनाई गई और इसे अंजाम देने में किस प्रकार की तकनीक का इस्तेमाल किया गया।