भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों की खेती काफी हद तक पानी पर निर्भर करती है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की शुरुआत की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है “हर खेत को पानी” पहुँचाना और किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन करने के लिए आधुनिक सिंचाई तकनीक उपलब्ध कराना।
इस योजना के माध्यम से किसानों को ड्रिप इरीगेशन और स्प्रिंकलर सिस्टम लगाने पर सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है। छोटे और सीमांत किसानों को लगभग 90% तक सब्सिडी मिल सकती है, जबकि अन्य किसानों को भी अच्छी आर्थिक सहायता दी जाती है। इससे किसानों पर सिंचाई व्यवस्था लगाने का खर्च काफी कम हो जाता है।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का एक बड़ा लाभ यह है कि इससे पानी की बचत होती है। ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी तकनीक से लगभग 30 से 50 प्रतिशत तक पानी बचाया जा सकता है। इससे सूखा प्रभावित क्षेत्रों में भी खेती करना आसान हो जाता है।
इसके अलावा इस योजना से फसल की पैदावार भी बढ़ती है। जब पौधों को सही मात्रा में पानी और पोषक तत्व मिलते हैं तो फसल की गुणवत्ता बेहतर होती है और उत्पादन में लगभग 20 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है।
यह योजना आधुनिक खेती को भी बढ़ावा देती है। किसान इस योजना के माध्यम से सब्जी, फल, गन्ना और फूलों की खेती में बेहतर सिंचाई तकनीक अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
अंत में कहा जा सकता है कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना किसानों के लिए बहुत उपयोगी योजना है। इससे न केवल पानी की बचत होती है बल्कि किसानों की आय और उत्पादन दोनों बढ़ते हैं, जिससे देश की कृषि व्यवस्था और मजबूत होती है।