पश्चिम बंगाल की पुलिस की विशेष कार्यबल (STF) ने रविवार को बांग्लादेशी कार्यकर्ता शारिफ उस्मान हादी की हत्या से जुड़े दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में राहुल उर्फ फैसल करीम मसूद और आलमगीर हुसैन शामिल हैं। ये दोनों बांग्लादेश के नागरिक हैं और इन्हें अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने और ठहरने के आरोप में बोंगांव सीमा क्षेत्र के पास पकड़ा गया।
स्थानिक समाचारों के अनुसार, मसूद को हादी की हत्या का मुख्य आरोपी माना जा रहा है, जबकि हुसैन उसके सहयोगी के रूप में संदिग्ध हैं। विशेष कार्यबल ने जानकारी दी है कि मसूद और हुसैन ने मेघालय सीमा के माध्यम से भारत में प्रवेश किया और इसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों में यात्रा की। अंततः, ये दोनों बोंगांव के क्षेत्र में पहुंचे, जहां से उनका इरादा बांग्लादेश लौटने का था।
गिरफ्तारी के बाद, मसूद और हुसैन को रविवार को एक अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि ये दोनों व्यक्ति बांग्लादेश में हो रहे राजनीतिक उथल-पुथल का हिस्सा थे और हादी की हत्या के मामले में महत्वपूर्ण कड़ी बन सकते हैं। हादी एक प्रमुख नेता थे जिन्होंने 2024 के छात्र प्रदर्शन का नेतृत्व किया था, जिसने पहले की बांग्लादेश सरकार को उखाड़ फेंका था।
इस गिरफ्तारी के साथ, बांग्लादेशी कार्यकर्ताओं के खिलाफ हो रही हिंसा और उनके अधिकारों के हनन की घटनाएं एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई हैं। साथ ही, यह घटना भारत में अवैध प्रवासियों और आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित चिंताओं को भी उजागर करती है। बांग्लादेश और भारत के बीच सीमावर्ती क्षेत्र में इन गतिविधियों के बढ़ते मामलों से सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बढ़ रही है।