भारतीय मूल की लेखिकाएँ मेघा मजूमदार और शीना कलयिल 2026 महिला पुरस्कार की लांबस्ट में शामिल
2026 महिला पुरस्कार के लिए फिक्शन की लांबस्ट की घोषणा की गई है, जिसमें भारतीय मूल की दो प्रतिभाशाली लेखिकाएँ, मेघा मजूमदार और शीना कलयिल, अपनी-अपनी कृतियों के साथ शामिल हैं। मेघा मजूमदार का उपन्यास “ए गार्जियन एंड अ थिफ” और शीना कलयिल का “द अदर्स” इस लांबस्ट का हिस्सा हैं। यह पुरस्कार साहित्यिक क्षेत्र में महिलाओं की उपलब्धियों को मान्यता देता है और इस वर्ष की शॉर्टलिस्ट 22 अप्रैल को घोषित की जाएगी। विजेता का नाम 11 जून को सामने आएगा, जिसे 30,000 पाउंड के पुरस्कार राशि के साथ एक प्रतिष्ठित “बेस्सी” प्रतिमा भी मिलेगी, जिसे दिवंगत कलाकार ग्रिजेल नाइवन ने बनाया था।
इस वर्ष की जजों की अध्यक्षता ऑस्ट्रेलिया की पूर्व प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड कर रही हैं। उनके साथ इस पैनल में प्रसिद्ध कवि, उपन्यासकार और निबंधकार मोना आर्शी, लेखक, प्रस्तुतकर्ता, कवि और वक्ता सलमा एल-वार्दानी, लेखक, पॉडकास्टर, अभिनेता और कॉमेडियन कैरियड लॉयड, तथा लेखक, प्रसारक और डीजे एनी मैकमैनस शामिल हैं। यह जजों का पैनल साहित्य के प्रति अपनी गहरी समझ और विविधता के लिए जाना जाता है।
महिला पुरस्कार का उद्देश्य न केवल लेखिकाओं को मान्यता देना है, बल्कि यह साहित्य में महिला आवाज़ों की सत्ता को भी उजागर करना है। इस पुरस्कार में भारत की प्रतिभाओं का होना गर्व की बात है, जो वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रही हैं। मेघा मजूमदार और शीना कलयिल जैसे लेखक अपने काम के माध्यम से भारतीय संस्कृति और समस्याओं को एक नए दृष्टिकोण से पेश कर रहे हैं।
लांबस्ट में शामिल अन्य प्रमुख कृतियों में “ग्लोरिया डोनट स्पीक” (लुसी एप्स), “पैराडिसो 17” (हैना लिलिथ अस्सादी), “मॉडरेशन” (एलेन कास्टिलो), “फ्लैशलाइट” (सुसान चोई) और “द बिनीफैक्टर्स” (वेंडि एर्स्किन) शामिल हैं। इस वर्ष की लांबस्ट में कुल 15 उपन्यास शामिल हैं, जो साहित्य की समृद्ध विविधता को दर्शाते हैं।