INDIAN PRESS UNION.

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February 4, 2026

भारतीय लोकतंत्र के सजग प्रहरी के रूप में अपना योगदान दे रहे सभी पत्रकार बंधुओं को भारतीय समाचार पत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं।

  1. शब्द आत्मा की ऊर्जा होते हैं और उनका प्रभाव सीधे मन और संबंधों पर पड़ता है। जब हम सचेत होकर, प्रेम और सम्मान के भाव से बोलते हैं, तो हमारे शब्द उपचार बन जाते हैं और वातावरण को शांत करते हैं।

आज आप अपने शब्दों में कौन-सा गुण जोड़ेंगे?

#brahmakumaris

धर्म, भक्ति, आस्था और पुण्य का प्रतीक तथा पाप विनाशिनी जया एकादशी के पावन पर्व पर सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।

इस्कॉन® कुलाई, मैंगलोर द्वारा,एकादशी के दिन भगवद गीता के श्लोकों का विशेष पाठ होगा, जिसमें सभी 18 अध्यायों के 700 श्लोक शामिल हैं।

आज का श्लोक पाठ का live यूट्यूब रिकॉर्डिंग लिंक💫👇

माघ शुक्ल एकादशी की पावन बेला में श्रीहरि का आशीर्वाद सदा बना रहे।

भारतीय लोकतंत्र के सजग प्रहरी के रूप में अपना योगदान दे रहे सभी पत्रकार बंधुओं को भारतीय समाचार पत्र दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं।

समाचार पत्र लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं, जो जनता की आवाज़ को शासन तक पहुँचाने का कार्य करते हैं।डिजिटल युग के बावजूद प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता आज भी कायम है।

समाचार पत्र दिवस हर साल 29 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन भारत में पहले हिंदी समाचार पत्र “उदंत मार्तंड” के प्रकाशन की स्मृति में मनाया जाता है, जिसे 29 जनवरी 1826 को पंडित जुगल किशोर शुक्ल ने कलकत्ता (अब कोलकाता) से प्रकाशित किया था।
समाचार पत्र दिवस का महत्व पत्रकारिता की भूमिका को सम्मान देना लोकतंत्र में मीडिया के योगदान को याद करना समाज को जागरूक और सूचित रखने के महत्व को समझाना इस दिन स्कूलों, कॉलेजों और मीडिया संस्थानों में निबंध लेखन भाषण पत्रकारिता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
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ये मंदिर मरुभूमि में मरुद्यान के समान है, जिसमें बद्धजीव सच्चे सुख की अपना प्यास बुझा सकते हैं।

(श्रील प्रभुपाद,क्षीरोदकशायी को लिखा पत्र, 29 जनवरी 1973 )
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Hare Krishna 💫

👉इस्कॉन® कुलाई, मैंगलोर, मंगल आरती, जाप और गुरु पूजा मे आप सभी सादर आमन्त्रित है ।👇

🕗Time : Daily at 4.30 /7:10 A:M (IST),

👉ज़ूम लिंक: https://t.ly/temple

👉मीटिंग आईडी: 494 026 3157

👉पासवर्ड : 108

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🔗 YouTube recording Link :👇

📅 Date : 29th January 2026
👉https://www.youtube.com/live/9q92wO7K5-I?si=BV5VatdPM1PnOtVO

👉श्रीमद् भागवतम् की दैनिक कक्षा सुबह 8 बजे
समय – प्रतिदिन सुबह 8 बजे👇

Zoom Link :👉 https://us02web.zoom.us/j/83155853450?pwd=pmWl5YVZyv5hRf17QggM5RgQn8POHD.1

Meeting ID: 83155853450
Passcode : 108

👉आज की कक्षा HG Nama Nistha Das Prabhuji द्वारा 👇

🔗 YouTube recording Link :👇
👉https://www.youtube.com/live/EyO4apsqpjU?si=BRult0YNacP6RoHX

कृपया इस लिंक 👆 का उपयोग करके जुड़ें और श्रवणम के इस अद्भुत अवसर का लाभ उठाएं।

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हम आपको इस परिवर्तनकारी यात्रा में भाग लेने और हमारे साथ भगवद गीता के कालातीत ज्ञान के बारे में जानकारी लेने के लिए हार्दिक आमंत्रित करते हैं।

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Bhagavad Gita Verse Of the Day:Chapter 14 Verse 18👇

ऊर्ध्वं गच्छन्ति सत्त्वस्था मध्ये तिष्ठन्ति राजसाः |
जघन्यगुणवृत्तिस्था अधो गच्छन्ति तामसाः || १८ ||

ऊर्ध्वम् – ऊपर; गच्छन्ति – जाते हैं; सत्त्व-स्थाः – जो सतोगुण में स्थित हैं; मध्ये – मध्य में; तिष्ठन्ति – निवास करते हैं; राजसाः – रजोगुणी; जघन्य – गर्हित; वृत्ति-स्थाः – जिनकी वृत्तियाँ या व्यवसाय; अधः – नीचे, निम्न; गच्छन्ति – जाते हैं; तामसाः – तमोगुणी लोग |

Translation👇

सतोगुणी व्यक्ति क्रमशः उच्च लोकों को ऊपर जाते हैं,रजोगुणी इसी पृथ्वीलोक में रह जाते हैं, और जो अत्यन्त गर्हित तमोगुण में स्थित हैं, वे नीचे नरक लोकों को जाते हैं ।‌

Commentary👇

.इस श्लोक में तीनों गुणों के कर्मों के फल को स्पष्ट रूप से बताया गया है । ऊपर के लोकों या स्वर्गलोकों में, प्रत्येक व्यक्ति अत्यन्त उन्नत होता है । जीवों में जिस मात्रा में सतोगुण का विकास होता है, उसी के अनुसार उसे विभिन्न स्वर्ग-लोकों में भेजा जाता है । सर्वोच्च-लोक सत्य-लोक या ब्रह्मलोक है,जहाँ इस ब्रह्माण्ड के प्रधान व्यक्ति, ब्रह्माजी निवास करते हैं । हम पहले ही देख चुके हैं कि ब्रह्मलोक में जिस प्रकार जीवन की आश्चर्यजनक परिस्थिति है, उसका अनुमान करना कठिन है । तो भी सतोगुण नामक जीवन की सर्वोच्च अवस्था हमें वहॉं तक पहुँचा सकती है ।

रजोगुण मिश्रित होता है । यह सतो तथा तमोगुण के मध्य में होता है । मनुष्य सदैव शुद्ध नहीं होता,लेकिन यदि वह पूर्णतया रजोगुणी हो, तो वह इस पृथ्वी पर केवल राजा या धनि व्यक्ति के रूप में रहता है । लेकिन गुणों का मिश्रण होते रहने से वह नीचे भी जा सकता है । इस पृथ्वी पर रजो या तमोगुणी लोग बलपूर्वक किसी मशीन के द्वारा उच्चतर-लोकों में नहीं पहुँच सकते । रजोगुण में इसकी सम्भावना है कि अगले जीवन में कोई प्रमत्त हो जाये ।

यहाँ पर निम्नतम गुण, तमोगुण, को अत्यन्त गर्हित (जघन्य) कहा गया है । अज्ञानता (तमोगुण) विकसित करने का परिणाम अत्यन्त भयावह होता है । यह प्रकृति का निम्नतम गुण है । मनुष्य-योनि से नीचे पक्षियों, पशुओं, सरीसृपों, वृक्षों आदि की अस्सी लाख योनियाँ हैं, और तमोगुण के विकास के अनुसार ही लोगों को ये अधम योनियाँ प्राप्त होती रहती हैं । यहाँ पर तामसाः शब्द अत्यन्त सार्थक है । यह उनका सूचक है, जो उच्चतर गुणों तक ऊपर न उठ कर निरन्तर तमोगुण में ही बने रहते हैं । उनका भविष्य अत्यन्त अंधकारमय होता है ।

तमोगुणी तथा रजोगुणी लोगों के लिए सतोगुणी बनने का सुअवसर है और यह कृष्णभावनामृत विधि से मिल सकता है । लेकिन जो इस सुअवसर का लाभ नहीं उठाता, वह निम्नतर गुणों में बना रहेगा ।
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आज त्रिकुटा पर्वत” से अद्भुत प्राकृतिक पावन दिव्य पिंडी स्वरूप जगजननी माँ वैष्णोदेवी जी के प्रात: काल श्रृंगार के आलौकिक दर्शन करे ।
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💫 Pls share with family & friends.

thanks & regards !

Jeetendra Sharan

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Written by

Jeetendra Sharan

(ICTRD Certified Digital Marketing Expert ) 👉https://ictrd.org/TID/63289780

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