March 30, 2026

भारत क्या अपनी पुरानी दोस्त और शेख़ हसीना की पार्टी अवामी लीग से धीरे-धीरे दूर हो रहा है?

भारत और बांग्लादेश की अवामी लीग के बीच संबंध सिर्फ़ ऐतिहासिक ही नहीं, बल्कि गहरे भरोसे पर टिके रहे हैं.
1971 के बांग्लादेश मुक्त‍ि संग्राम के दौरान बना यह रिश्ता पिछले पचास साल से भी ज़्यादा समय से कम-ज़्यादा उतार-चढ़ाव के साथ कायम है.
सिर्फ़ डेढ़ साल पहले, जब अवामी लीग अपने इतिहास के सबसे कठिन दौर में से एक से गुज़र रही थी, तब भारत ने पार्टी की नेता शेख़ हसीना को शरण दी थी. उन्हें भारतीय धरती पर सुरक्षित पनाह दी गई और वह आज भी कड़ी सुरक्षा के बीच भारत की सम्मानित मेहमान के रूप में रह रही हैं.
इसके अलावा, 5 अगस्त 2024 से अब तक अवामी लीग के हज़ारों नेता और कार्यकर्ता- पूर्व सांसद, मंत्री, समर्थक और राजनीतिक आयोजक- भी भारत में शरण ले चुके हैं.
इस दौरान भारत ने बार-बार और आधिकारिक तौर पर कहा कि वह बांग्लादेश में ‘समावेशी’ और ‘सहभागी’ चुनाव चाहता है- जिसका साफ़ मतलब था कि भारत चाहता था कि अवामी लीग को भी चुनाव लड़ने का मौका मिले.

SANJAY PANDEY

SANJAY PANDEY

District Reporter

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