महाराष्ट्र में नागपुर फैक्ट्री विस्फोट: कांग्रेस नेता ने सरकार की लापरवाही का आरोप लगाया
नागपुर: कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने बुधवार को आरोप लगाया कि नागपुर में एक विस्फोटक निर्माण इकाई में हाल ही में हुए विस्फोट के पीछे सरकार की लापरवाही है, जिसमें 19 श्रमिकों की जान चली गई। यह विस्फोट रविवार की सुबह 6:45 बजे एसबीएल एनर्जी लिमिटेड की फैक्ट्री में हुआ, जो रौलगांव गांव में स्थित है। इस हादसे में 18 श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने अगले दिन अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस घटना में कुल 23 लोग घायल हुए हैं।
वडेट्टीवार ने विधानसभा में इस घटना को “दर्दनाक और दिल को झकझोर देने वाला” बताते हुए एक निलंबन प्रस्ताव रखा, जिसमें उन्होंने मामले पर तात्कालिक और विस्तृत चर्चा की मांग की। उन्होंने विधानसभा के पटल पर यह भी कहा कि पिछले 18 महीनों में जिले में विस्फोटक फैक्ट्रियों में ऐसे ही अन्य घटनाओं में कुल 43 श्रमिकों की जान गई है।
उन्होंने यह आरोप लगाया कि राज्य और केंद्र सरकार की तरफ से सुरक्षा ऑडिट कराने की बार-बार मांग के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वडेट्टीवार ने कहा कि जिले में 11 विस्फोटक फैक्ट्रियां हैं और यह सवाल उठाया कि बार-बार होने वाले हादसों के बावजूद फैक्ट्री निरीक्षण और श्रम विभाग द्वारा सख्त निरीक्षण क्यों नहीं किया जाता।
उन्होंने कहा, “एक ओर हम ‘ट्रिलियन-डॉलर की अर्थव्यवस्था’ की बात करते हैं और बर्फ में फोटो खिंचवाने के लिए डावोस जाते हैं, दूसरी ओर महाराष्ट्र के श्रमिक 300 रुपये की मामूली दैनिक मजदूरी के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं।” वडेट्टीवार ने कहा कि पेट्रोलियम और विस्फोटक सुरक्षा नियमों के तहत भी निरीक्षण को गंभीरता से नहीं लिया गया है।
यह घटना राज्य में औद्योगिक सुरक्षा को लेकर गहरी चिंताओं को जन्म देती है। ऐसे में जब देश आर्थिक विकास के उच्चतम शिखर की ओर बढ़ने का दावा कर रहा है, तो श्रमिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना अनिवार्य हो जाता है। सरकारी नीतियों की समीक्षा और प्रभावी सुरक्षा उपायों की आवश्यकता अब पहले से कहीं अधिक हो गई है।