कौशाम्बी में राजस्व कार्यों की समीक्षा, लापरवाही पर वेतन रोकने के निर्देश आनन्द कुमार द्विवेदी, ब्यूरो – कौशाम्बी
कौशांबी। जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने उदयन सभागार में कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही राजस्व वसूली की स्थिति का जायजा लिया।
समीक्षा के दौरान वाणिज्यकर, आबकारी, नगर निकाय, विद्युत, खनन और परिवहन विभाग में लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व वसूली की प्रगति संतोषजनक न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने तथा प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। मंडी समिति की समीक्षा में अपेक्षित कार्रवाई न होने पर सभी मंडी सचिवों को चेतावनी दी गई, वहीं लापरवाही के आरोप में खनन अधिकारी का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि अगली बैठक तक अपेक्षित प्रगति न होने पर शासन को कार्यवाही हेतु पत्र भेजा जाएगा। साथ ही, सभी विभागों को सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग में सुधार कर श्रेणी-ए हासिल करने के निर्देश दिए गए।
आर.सी. वसूली की समीक्षा के दौरान कार्य में शिथिलता पर नाराजगी जताते हुए सभी तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को वसूली में तेजी लाने को कहा गया। उपजिलाधिकारियों को वरासत संबंधी मामलों की जांच कर लापरवाही मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। राजस्व वादों के निस्तारण में देरी पर तहसीलदार चायल का वेतन रोकने और स्पष्टीकरण लेने का आदेश दिया गया।
जिलाधिकारी ने भू-माफियाओं की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा अवैध कब्जे हटवाने के निर्देश भी दिए। साथ ही, शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) शालिनी प्रभाकर, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) ओम प्रकाश सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।