(ब्यूरो कौशाम्बी आनन्द कुमार द्विवेदी)====
कौशाम्बी जिले के जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने शुक्रवार को मंझनपुर तहसील का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कई खामियां पाईं और संबंधित कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी एस.पी. वर्मा को निर्देशित किया कि तहसील में फरियादियों के बैठने की समुचित व्यवस्था की जाए, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए और शौचालयों की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। पुरुष शौचालय में पानी की कमी और वाटर कूलर की सफाई संतोषजनक न होने पर उन्होंने अपनी नाराजगी जताई और नाजिर का वेतन रोकने के आदेश दिए।
उप जिलाधिकारी न्यायालय के निरीक्षण के दौरान अभिलेख व्यवस्थित न मिलने पर जिलाधिकारी ने पेशकार का वेतन रोकने के निर्देश भी दिए। इसके साथ ही तहसीलदार और नायब तहसीलदार को लंबित राजस्व मामलों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने अभिलेखागार का निरीक्षण करते हुए अभिलेखों को व्यवस्थित ढंग से सुरक्षित रखने और सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। जिलाधिकारी ने लेखपालों और अमीनों की सर्विस बुक का अवलोकन करते हुए कहा कि सभी प्रविष्टियां समय पर अपडेट रखी जाएं। इसके अलावा, 10 लाख रुपये से अधिक के बकायेदारों और राजस्व वसूली की प्रगति की समीक्षा करते हुए तहसीलदार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने आईजीआरएस रजिस्टर, जनशिकायत रजिस्टर और तहसील रजिस्टर की जांच के दौरान पाया कि शिकायतकर्ताओं के मोबाइल नंबर और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं अपडेट नहीं थीं। इसके चलते उन्होंने जनशिकायत लिपिक को चेतावनी जारी करने के आदेश दिए और स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता और तत्परता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। डॉ. अमित पाल ने निरीक्षण के दौरान यह भी कहा कि सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं और तहसील में व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए लगातार प्रयास करें। उनका यह औचक निरीक्षण प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार और जनता के लिए बेहतर सुविधाओं की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।