अल्मोड़ा, 27 फरवरी – रंगों का पर्व होली उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में आज से आधिकारिक रूप से शुरू हो रहा है। यहां की पारंपरिक बैठी होली और खड़ी होली की रस्में पूरे उत्साह के साथ निभाई जाएंगी।
- कुमाऊं क्षेत्र में बैठी होली की परंपरा है, जहां लोग मंदिरों और घरों में बैठकर शास्त्रीय रागों के साथ होली गाते हैं।
- गढ़वाल क्षेत्र में खड़ी होली का आयोजन होता है, जिसमें लोग चौक और मैदानों में खड़े होकर सामूहिक रूप से गीत गाते और नृत्य करते हैं।
- अल्मोड़ा के ग्रामीण इलाकों में आज से ही होली के गीत गूंजने लगे हैं और लोग रंगों व गुलाल की तैयारी में जुट गए हैं।
स्थानीय प्रशासन ने पर्व के दौरान शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। वहीं, बाजारों में रंग, गुलाल और मिठाइयों की खरीदारी से रौनक बढ़ गई है।
संस्कृति और परंपरा का संगम अल्मोड़ा की होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि लोकसंगीत और सामूहिकता का प्रतीक है। यहां की होली में क्लासिकल रागों का प्रयोग होता है, जो इसे देशभर में अनोखा बनाता है।
👉 आने वाले दिनों में अल्मोड़ा सहित पूरे राज्य में यह पर्व उमंग और उत्साह के साथ मनाया जाएगा।