श्रीमद भगवद गीता जयंती , मोक्षदा एकादशी, गुरुवायुर एकादशी एवं सोमवार की हार्दिक शुभकामनाएं।
यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत अभ्युत्थानमधर्मस्य तदाऽऽत्मानं सृजाम्यहम् |
इति ते ज्ञानमाख्यातं गुह्याद्रुह्यतरं मया । विमृश्यैतदशेषेण यथेच्छसि तथा कुरु ||
धर्म, कर्म और ज्ञान के इस पावन पर्व पर आपके जीवन में शांति और समृद्धि का वास हो। हरे कृष्ण।
इस्कॉन® कुलाई, मैंगलोर,की ओर से एकादशी के दिन भगवद गीता का एक विशेष श्लोक पाठ होता है, जिसमें सभी 18 अध्यायों के 700 श्लोक शामिल हैं ।
आज का लाइव यूट्यूब रिकॉर्डिंग लिंक 👇
┈┉┅━❀꧁꧂❀━┅┉
“भक्ति सेवा में पहला कदम है सुनना, प्रामाणिक स्रोत से विनम्रतापूर्वक सुनना और उसे आत्मसात करना तथा अपने शरीर, मन और बुद्धि से उसे ग्रहण करना। इस प्रकार तुम अजेय पर विजय प्राप्त करने में समर्थ होगे।”
(श्रीला प्रभुपाद,BG 9.15 पर व्याख्यान,न्यूयॉर्क, 1 दिसंबर,1966)
┈┉┅━❀꧁꧂❀━┅┉
हरे कृष्ण इस्कॉन® कुलाई, मैंगलोर, की वेबसाइट पर *रजिस्टर करें* अपनी भाषा में ऑनलाइन माध्यम से मुफ़्त गीता सीखें 18 दिन मे ,नया बैच हर महिने शुरू होता है👇
🔗 पंजीकरण लिंक ➔ https://t.ly/gita
अधिक जानकारी के लिए WhatsApp 🥏070228 97999 पर संदेश भेजे
*दुनिया के सबसे बड़े ऑनलाइन गीता पाठ्यक्रम* में शामिल हों (9 लाख+ पंजीकरण)
*मुफ़्त प्रमाणपत्र*
*प्रति दिन 1 घंटा* – ऑनलाइन लाइव सत्र + प्रश्नोत्तर
*भाषाएँ* – अंग्रेजी, हिंदी, कन्नड़, तेलुगु, तमिल, मलयालम, तुलु, कोंकणी, उड़िया, गुजराती, मराठी, बंगाली
अलग वर्ग के *बच्चे* (6 से 15 वर्ष)
*युवा* (16 से 25 वर्ष) और *वयस्क* (25+ वर्ष)
┈┉┅━❀꧁꧂❀━┅┉
👉 इस्कॉन® कुलाई, मैंगलोर,की ओर से भगवद् गीता L-2 बैच (Hindi ) Online Class यूट्यूब रिकॉर्डिंग लिंक –
https://youtube.com/playlist?list=PLKU6ikvAHEy4N6I3fTQT8bCpcUsoq3xaP&si=ZgUsjPqDjDzQrJTc
┈┉┅━❀꧁꧂❀━┅┉
Bhagavad Gita Verse Of the Day: Chapter 8, Verse 8👇
अभ्यासयोगयुक्तेन चेतसा नान्यगामिना |
परमं पुरुषं दिव्यं याति पार्थानुचिन्तयन् || ८ ||
अभ्यास-योग – अभ्यास से; युक्तेन – ध्यान में लगे रहकर; चेतसा – मन तथा बुद्धि से; न अन्य गामिना – बिना विचलित हुए; परमम् – परं; पुरुषम् – भगवान् को; दिव्यम् – दिव्य; याति – प्राप्त करता है; पार्थ – हे पृथापुत्र; अनुचिन्तयन् – निरन्तर चिन्तन करता हुआ |
Translation👇
हे पार्थ! जो व्यक्ति मेरा स्मरण करने में अपना मन निरन्तर लगाये रखकर अविचलित भाव से भगवान् के रूप में मेरा ध्यान करता है, वह मुझको अवश्य ही प्राप्त होता है |
Commentary👇
इस श्लोक में भगवान् कृष्ण अपने स्मरण किये जाने की महत्ता पर बल देते हैं | महामन्त्र हरे कृष्ण का जप करने से कृष्ण की स्मृति हो आती है | भगवान् के शब्दोच्चार (ध्वनि) के जप तथा श्रवण के अभ्यास से मनुष्य के कान, जीभ तथा मन व्यस्त रहते हैं | इस ध्यान का अभ्यास अत्यन्त सुगम है और इससे परमेश्र्वर को प्राप्त करने में सहायता मिलती है | पुरुषम् का अर्थ भोक्ता है | यद्यपि सारे जीव भगवान् की तटस्था शक्ति हैं, किन्तु वे भौतिक कल्मष से युक्त हैं | वे स्वयं को भोक्ता मानते हैं, जबकि वे होते नहीं | यहाँ पर स्पष्ट उल्लेख है कि भगवान् ही अपने विभिन्न स्वरूपों तथा नारायण, वासुदेव आदि स्वांशों के रूप में परम भोक्ता हैं |
भक्त हरे कृष्ण का जप करके अपनी पूजा के लक्ष्य परमेश्र्वर का, इनके किसी भी रूप नारायण, कृष्ण, राम आदि का निरन्तर चिन्तन कर सकता है | ऐसा करने से वह शुद्ध हो जाता है और निरन्तर जप करते रहने से जीवन के अन्त में वह भगवद्धाम को जाता है | योग अन्तःकरण के परमात्मा का ध्यान है | इसी प्रकार हरे कृष्ण के जप द्वारा मनुष्य अपने मन को परमेश्र्वर में स्थिर करता है | मन चंचल है, अतः आवश्यक है कि मन को बलपूर्वक कृष्ण-चिन्तन में लगाया जाय | प्रायः उस प्रकार के कीट का दृष्टान्त दिया जाता है जो तितली बनना चाहता है और इसी जीवन में तितली बन जाता है | इसी प्रकार यदि हम निरन्तर कृष्ण का चिन्तन करते रहें, तो यह निश्चित है कि हम जीवन के अन्त में कृष्ण जैसा शरीर प्राप्त कर सकेंगे |
┈┉┅━❀꧁꧂❀━┅┉
कलि-काले नाम-रूपे कृष्ण-अवतार । नाम हैते हय सर्व-जगत्निस्तार ।।
इस कलियुग में भगवान् के पवित्र नाम अर्थात् हरे कृष्ण महामंत्र भगवान् कृष्ण का अवतार है। केवल पवित्र नाम के कीर्तन से मनुष्य भगवान् की प्रत्यक्ष संगति कर सकता है। जो कोई भी ऐसा करता है, उसका निश्चित रूप से उद्धार हो जाता है।
महामंत्र 💫👉हरे कृष्ण हरे कृष्ण , कृष्ण कृष्ण हरे हरे।
हरे राम हरे राम , राम राम हरे हरे।।
┈┉┅━❀꧁꧂❀━┅┉
आज त्रिकुटा पर्वत” से अद्भुत प्राकृतिक पावन दिव्य पिंडी स्वरूप जगजननी माँ वैष्णोदेवी जी के प्रात: काल श्रृंगार के आलौकिक दर्शन करे ।
┈┉┅━❀꧁꧂❀━┅┉
thanks & regards
Jeetendra Sharan
(ICTRD Certified Digital Marketing Expert )
👉 https://aimamedia.org/newsdetails.aspx?nid=536132&y=1
┈┉┅━❀꧁꧂❀━┅┉












1 Comment
मुलताई में कुछ बैंक, कुछ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिना पार्किंग के संचालित हो रहे हैं, तथा कुछ लोगों ने पार्किंग के लिए जगह बहुत कम दी है। जो वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे ग्राहको को वाहन खड़े करने में बहुत परेशानी होती है। आखिर बिना पार्किंग के बैंक कैसे संचालित हो रहे हैं। ये तो नियमों का उल्लघंन हो रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़े करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार दुर्घटना तक हो जाती है। सरकारी जमीन पर वाहन खड़े हो रहे हैं । जबकि जिस भवन मे बैंक संचालित होती है उसकी स्वयं की पार्किंग होना जरूरी है। मुलताई में संचालित सभी बैंकों की पार्किंग व्यवस्था की जांच होना चाहिए।
कुछ बेसमेंट बिना अनुमति के बने हैं। कुछ व्यावसायिक भवनों के नक्शे बिना पार्किंग दिए पास हुए हैं। कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर पक्का अतिक्रमण कर लिया है। जांच होना चाहिए।
नाम – रवि खवसे
शहर – मुलताई
जिला – बैतूल
राज्य – मध्यप्रदेश