*नवागत कप्तान प्राची सिंह के आने से महिला थाना पर न्याय की उम्मीद जगी, पुरानी शिकायतें भी सतर्कता बरतने की मांग कर रही है*
*नवागत कप्तान प्राची सिंह के आने से महिला थाना पर न्याय की उम्मीद जगी, पुरानी शिकायतें भी सतर्कता बरतने की मांग कर रही है*
अंबेडकर नगर
जिले के महिला थाने में हाल ही में तैनात नवागत कप्तान प्राची सिंह के आने के बाद आम जनमानस में एक नई आशा जगी है। स्थानीय लोग मान रहे हैं कि अब थानों पर सच्चा न्याय मिलेगा और ‘सेटिंग-गेटिंग’ के आधार पर चलने वाली पुरानी व्यवस्था को चुनौती मिलेगी। हालांकि, साथ ही पुरानी शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिनके कारण कई पीड़ित महिला थाना जाने से कतराते नजर आ रहे हैं।पिछले कुछ वर्षों में जनपद मुख्यालय स्थित महिला थाना परिवारिक विवादों, तलाक, दहेज और घरेलू हिंसा के मामलों में बड़े पैमाने पर जाना जाता था। यहां न केवल रिश्ते टूटते थे, बल्कि कुछ मामलों में रिश्ते जोड़ने की भूमिका भी थाने की बताई जाती थी। लेकिन अब स्थिति बदल गई है। आम जनता में यह चर्चा आम है कि महिला थाना जाने के बाद पीड़ित परिवार ‘नींबू निचोड़’ की तरह महसूस करते हैं। मीडिया सेल द्वारा समय-समय पर ऐसी खबरें भी सामने आती रहती हैं, जिनमें शिकायतकर्ताओं को थाने में ही परेशान किए जाने, अनावश्यक दबाव डाले जाने और मामले को लंबा खींचने की बात कही जाती है।स्थानीय निवासी ने बताया, “पहले थाने में रिश्तेदारों और पैसे के आधार पर काम होता था। अब कप्तान प्राची सिंह मैडम आई हैं तो उम्मीद है कि सच्चाई के आधार पर काम होगा। लेकिन लोग फिर भी डरते हैं। एक बार थाना गया तो केस तो बढ़ जाता है, लेकिन न्याय कब मिलेगा, यह पता नहीं चलता।”दूसरी ओर, कई महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कप्तान सिंह की तैनाती का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि नई कप्तान के सख्त और पारदर्शी रवैये से थाने की छवि सुधरने की उम्मीद है। एक महिला अधिकार कार्यकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “हम लंबे समय से थाने में सुधार की मांग कर रहे थे। प्राची सिंह जी के आने से लगता है कि अब पीड़ितों को सही मायने में न्याय मिलेगा।*
*Devashish Govind Tokekar*
*INDIAN PRESS UNION*
*District Reporter*