आगरा में बुजुर्ग दंपत्ति का दर्द
आगरा में बुजुर्ग दंपती ने संपत्ति को लेकर लगाए गंभीर आरोप
आगरा के मलपुरा क्षेत्र निवासी एक बुजुर्ग दंपती ने अपने गोद लिए बेटे और बहू पर संपत्ति को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। दंपती का कहना है कि उनका मकान 46 लाख रुपये में बेच दिया गया और इसके बाद उन्हें रहने के लिए वृद्धाश्रम का सहारा लेना पड़ा। हालांकि, पुलिस के अनुसार मामला संपत्ति के स्वामित्व और बंटवारे से जुड़ा है तथा दोनों पक्षों के बयान अलग-अलग हैं। मामला न्यायालय में विचाराधीन बताया गया है।
रामविलास कटारा और उनकी पत्नी ऊषा कटारा के अनुसार, उन्होंने अपने गोद लिए बेटे के लिए काफी संपत्ति और संसाधन उपलब्ध कराए थे। उनका आरोप है कि उनकी सहमति के बिना या उनके हितों के विपरीत संपत्ति से जुड़ा लेनदेन किया गया, जिसके बाद उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
दंपती के मुताबिक, रामविलास कटारा वर्ष 2013 में लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने दावा किया कि बहू के नाम पंजीकृत प्लॉट पर दो मंजिला मकान के निर्माण में करीब 60 लाख रुपये खर्च किए गए थे। दंपती ने मकान की कीमत करीब 75 लाख रुपये होने का दावा भी किया है, जबकि उनके अनुसार संपत्ति 46 लाख रुपये में बेची गई। इन दावों की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और न्यायिक रिकॉर्ड के आधार पर की जानी है।
दंपती का कहना है कि वर्ष 2022 से वे अपनी शिकायत को लेकर लगातार प्रयास कर रहे हैं और कई आवेदन दे चुके हैं। उनका कहना है कि मामले में उन्हें अब तक अपेक्षित राहत नहीं मिली है।
पुलिस के अनुसार, मामला संपत्ति के स्वामित्व और बंटवारे से संबंधित है। दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए गए हैं और मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में संपत्ति के स्वामित्व, बिक्री और संबंधित लेनदेन से जुड़े अंतिम तथ्य न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।
फिलहाल बुजुर्ग दंपती अपने छोटे बेटे के साथ किराए के मकान में रह रहे हैं। मामले में आगे की स्थिति न्यायालय और संबंधित जांच के आधार पर स्पष्ट होगी।