आगरा में जाम से हाहाकार
आगरा में जाम से परेशान व्यापारी, एमजी रोड पर वन-वे व्यवस्था समेत ट्रैफिक सुधार के सुझाव
आगरा, 24 अक्टूबर 2026: आगरा में एमजी रोड से लेकर हाईवे और प्रमुख बाजारों तक यातायात जाम की समस्या से व्यापारी, अधिवक्ता और आम नागरिक परेशान हैं। उनका कहना है कि जाम के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है और लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भी लंबा समय रास्ते में बिताना पड़ रहा है। यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए उन्होंने प्रशासन से ठोस कार्ययोजना बनाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की है।
जाम से कारोबार और आवाजाही प्रभावित
आगरा इलेक्ट्रिक कांट्रैक्टर्स एंड मर्चेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मुकेश गुप्ता के अनुसार, जाम के कारण व्यापारियों को अपने प्रतिष्ठानों तक पहुंचने में परेशानी होती है। त्योहारों के दौरान ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने से कारोबार पर भी असर पड़ता है। उन्होंने यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने की आवश्यकता बताई।
अधिवक्ता उर्वशी वर्मा ने बताया कि धनौली से दीवानी तक पहुंचने में पहले करीब एक घंटा लगता था, जबकि अब दो से तीन घंटे तक लग सकते हैं। उन्होंने एमजी रोड, रावली, हरीपर्वत और खेरिया मोड़ पर जाम की समस्या का उल्लेख किया।
अधिवक्ता विशाल चौधरी ने सिकंदरा चौराहे और हाईवे पर गुरुद्वारा गुरु का ताल तक यातायात प्रभावित होने की बात कही। उनके अनुसार, मेट्रो निर्माण कार्य के कारण भी कुछ मार्गों पर आवागमन में परेशानी हो रही है।
व्यापारियों ने दिए यातायात सुधार के सुझाव
व्यापारियों और अधिवक्ताओं ने जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए कई सुझाव दिए हैं:
- प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक लाइटों को दुरुस्त कर यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
- आवश्यकतानुसार यातायात पुलिसकर्मियों और होमगार्ड की तैनाती की जाए।
- संकरे बाजारों में यातायात दबाव कम करने के लिए वन-वे व्यवस्था लागू करने की संभावना पर विचार किया जाए।
- बाजारों के आसपास उचित पार्किंग व्यवस्था विकसित की जाए।
- अतिक्रमण हटाने और ऑटो स्टैंड को व्यवस्थित करने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
- अधिकारी प्रभावित मार्गों का निरीक्षण कर जाम के वास्तविक कारणों का आकलन करें।
स्कूलों और दफ्तरों की छुट्टी के समय बढ़ती परेशानी
व्यापारियों ने बताया कि बाजारों में जाम के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होती है। स्कूलों और दफ्तरों की छुट्टी के समय यातायात का दबाव बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो जाती है। उन्होंने एंबुलेंस और स्कूल बसों के लिए रास्ता उपलब्ध कराने तथा यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
व्यापारियों का मानना है कि पार्किंग व्यवस्था में सुधार, अतिक्रमण पर नियंत्रण और यातायात नियमों का प्रभावी पालन होने से लोगों को राहत मिल सकती है। उपलब्ध रिपोर्ट में इन सुझावों को लागू करने के लिए प्रशासन की ओर से किसी नई कार्ययोजना की घोषणा का उल्लेख नहीं है।
