*अतीक अहमद के बेटे अली के काफिले के पीछे दिखी भाई अहजम की गाड़ी, पुलिस ने रोका* *(आनन्द कुमार द्विवेदी, कौशाम्बी ब्यूरो)*
*अतीक अहमद के बेटे अली के काफिले के पीछे दिखी भाई अहजम की गाड़ी, पुलिस ने रोका*
*(आनन्द कुमार द्विवेदी, कौशाम्बी ब्यूरो)*
नारा, (कौशांबी)
माफिया अतीक अहमद के बेटे अली को पेशी पर झांसी से प्रयागराज लाते समय उसके भाई अहजम की गाड़ी भी पीछे-पीछे दिखाई देने पर पुलिस के हाथ पांव फूल गए। पुलिस ने अहजम की गाड़ी को काफिले के साथ चलने से रोक दिया और जांच-पड़ताल भी की। हालांकि यह नहीं पता चल सका कि अहजम क्यों पीछे-पीछे आ रहा था। माना जा रहा है कि पहले की घटनाओं को देखते हुए भाई को अपनी तरफ से भी सुरक्षा के लिहाज से यह कदम उठाया गया हो सकता है।
रंगदारी के एक मामले में बयान दर्ज कराने के लिए अली की सोमवार को प्रयागराज में पेशी थी। इसी को देखते हुए पुलिस की एक टुकड़ी कड़ी सुरक्षा के बीच उसे झांसी जेल से प्रयागराज ले ला रही थी। इसी दौरान प्रयागराज से सटे कौशांबी में पुलिस को भनक लगी कि उनके काफिले के पीछे भी कुछ गाड़ियां लगातार चल रही हैं। इस पर पुलिस ने पीछे आ रही गाड़ी को रोका तो उसमें अली का भाई अहजम सवार था। उसकी भी पूरी गाड़ी की पुलिस ने तलाशी ली और पीछे आने को लेकर पूछताछ में जुट गई।
*अहजम की गाड़ी रोककर चेकिंग*
कहा जा रहा है कि अली को गोपनीय तरीके से जेल से बख्तरबंद वाहन में प्रयागराज ले जाया जा रहा था। इसकी जानकारी किसी तरह अहजम को लग गई थी। इसके बाद वह अपने भाई का पीछा कर रहा था। पुलिस ने अहजम की गाड़ी को रोकने के बाद उसकी तलाशी ली। कुछ संदिग्ध नहीं मिलने पर पीछा नहीं करने की हिदायत देकर जाने दिया गया।
*रंगदारी के मुकदमे में प्रयागराज की कोर्ट में पेशी*
बताया जाता है कि अली को करेली थाने में दर्ज रंगदारी के एक मुकदमे के सिलसिले में अदालत में पेश किया गया। सूत्रों के अनुसार, इसी मामले में अतीक का करीबी असद कालिया भी पेश होना है, जिसे कासगंज जेल से लाया जा रहा है। पेशी को देखते हुए प्रयागराज कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
*अली से मिलकर लौटते समय ही छोटे भाई की हुई थी मौत*
गौरतलब है कि अली से ही मिलकर लौटते समय छह अगस्त को अतीक के छोटे बेटे अबान की हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद अली को भी 8 अगस्त को अबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल पर प्रयागराज लाया गया था।
*नैनी से झांसी जेल शिफ्ट हुआ था अली*
30 जुलाई 2022 को अली ने प्रयागराज कोर्ट में सरेंडर किया था। इसके बाद उसे नैनी सेंट्रल जेल भेजा गया। 17 जून 2025 को उसकी बैरक से कैश बरामद हुआ। इसके बाद उसे सिक्योरिटी सेल में भेज दिया गया। 1 अक्टूबर 2025 को उसे झांसी जेल शिफ्ट किया गया।